
आस्था के महाकुंभ में अबतक 54.31 करोड़ लोग डुबकी लगा चुके हैं। इसी बीच संक्रामक बीमारियां के मामले भी सामने आ रहे हैं। खास तौर पर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण (उल्टी-दस्त), वायरल बुखार और सांस संबंधी संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. सुरंजीत चटर्जी के अनुसार सबसे ज्याद पेट की बिमारियों से जुड़े मरीज सामने आ रहे हैं।
महाकुंभ से लौटने वाले मरीजों में दस्त, उल्टी और एसिडीटी की शिकायतें आ रही है। चटर्जी के अनुसार मेले में अशु्द्ध पानी पीने ओर संक्रमित भोजन करना बड़ा कारण हो सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि यात्रियों को हमेशा उबालकर या बोतलबंद पानी का ही सेवन करना चाहिए और खुले में बिकने वाले कच्चे खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।
इसके अलावा, प्रयागराज में अत्यधिक भीड़ और ठंडे मौसम की वजह से कई लोगों को सर्दी-जुकाम और बुखार जैसी परेशानियां हो रही हैं। यहां रोजाना करोड़ों की संख्या में लोग आ रहे हैं, इसलिए संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा है। डॉक्टर चटर्जी के अनुसार महाकुंभ यात्रा के दौरान अगर संभव हो तो मास्क पहनें और अत्यधिक भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भी कुंभ मेले के दौरान जल प्रदूषण और स्वच्छता की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है। NGT की रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और औद्योगिक अपशिष्टों के कारण नदी का जलस्तर और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ट्रिब्यूनल ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि स्नान घाटों की सफाई और जल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस मामले में कल 19 फरवरी को फिर से सुनवाई होगी।
| 1. | साफ पानी का सेवन - उबला हुआ या बोतलबंद पानी ही इस्तेमाल करें। |
| 2. | साफ-सुथरे भोजन का सेवन- खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें, पकाया हुआ खाना ही खाएं। |
| 3. | भीड़ में मास्क पहनें-विशेष रूप से यदि आपको खांसी या सर्दी हो रही है तो मास्क लगाना सुरक्षित रहेगा। |
| 4. | आचमन करने से बचें - स्नान करते समय यह ध्यान दें कि पानी मुंह या नाक के जरिए शरीर में न जाए। |
| 5. | स्नान के बाद साफ सफाई रखें- त्वचा संक्रमण से बचने के लिए स्नान के बाद साबुन का उपयोग करें और शरीर को अच्छे से सुखाएं। |
संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन मेला प्रशासन द्वारा नियंत्रण की अच्छी व्यवस्था की गई है। सेनेटाइजेशन की बदौलत अभी तक बड़ी संख्या में लोग प्रभावित नहीं हुए हैं। फिर भी, श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि वे धार्मिक आस्था के इस महत्वपूर्ण पर्व को स्वस्थ और सुरक्षित रूप से मना सकें।
Updated on:
18 Feb 2025 08:39 pm
Published on:
18 Feb 2025 08:39 pm
