
CG News: छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में के सिलयारी स्थित रियल बोर्ड पेपर मिल में मिली रद्दी की सरकारी किताबों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पाठ्यपुस्तक निगम के महाप्रबंधक प्रेम प्रकाश शर्मा को निलंबित कर दिया है। खास बात यह है कि इस मामले की जांच के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने जो पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, उसमें शर्मा का नाम भी शामिल था। बता दें कि इस मामले को कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने उजागर किया था।
CG News: रद्दी में किताब मिलने की शिकायत को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तत्काल गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले को इस घटना की जांच के निर्देश दिए थे। जांच के बाद इस मामले में प्रथम दृष्टया पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक शर्मा की लापरवाही दिखी। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई। कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस में कड़े तेवर दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ने निलंबन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक लापरवाही उन्हें बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं होगी।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा, शासन की कार्रवाई से स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस ने जो आरोप लगाए थे, वो सही है। उन्होंने कहा, किताबें पूरे भ्रष्टाचार की कहानी बयां करती है। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी और संकुल प्रभारियों की मिलीभगत साफ है, जिन्होंने किताबों का वितरण किया। यह प्रदेश का सबसे बड़ा किताब घोटाला है। उन्होंने कहा, सात अलग-अलग जिलों से प्राप्त किताबों को कबाड़ कर बेचा गया। सबसे पहले तो इन्हीं सातों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, इस भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क, सदन से लेकर न्यायालय तक की लड़ाई लड़ी जाएगी।
Updated on:
21 Sep 2024, 8:47 AM IST
Published on:
21 Sep 2024, 8:47 AM IST
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