
CG Politics
CG Politics: धान खरीदी को लेकर राजनीतिक सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था फैली हुई है। किसान परेशान हो रहे हैं। अब आगामी नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर धान खरीदी का बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी है।
यही वजह है कि कांग्रेस ने पहले धान खरीदी केेंद्र चलो अभियान चला और अब धान खरीदी की तिथि 15 दिन बढ़ाने की मांग उठा दी है। इसके अलावा कांग्रेस 10 दिसम्बर को प्रदेश के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में धान खरीदी में फैली अव्यवस्था को लेकर प्रदर्शन करेगी। यह जानकारी शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा ने संयुक्त पत्रकारवार्ता के दौरान दी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बैज का आरोप है, पूरे प्रदेश में धान खरीदी केन्द्रों में अव्यवस्था किसान परेशान है। किसानों को बारदानों के पैसे नहीं मिल रहे हैं। अनावरी रिपोर्ट कम बनाई गई है तथा खरीदी भी 21 क्विंटल के हिसाब से नहीं हो रही है। किसानों को एकमुश्त 3100 रुपए के हिसाब से भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा, साय सरकार को धान खरीदी अव्यवस्था को सुधारा जाना चाहिए। 20 दिन में सरकार थक गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा ने कहा, धान खरीदने के बाद दोबारा धान की तौलाई करते हैं, तो तौल में ज्यादा धान लेने की शिकायत आई है। राइस मिलर्स को संग्रहण केंद्र में क्वालिटी का चयन करने में परेशानी होगी।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि घर में बैठकर किसी के बारे में बोलना आसान होता है। मंडी और धान खरीदी केंद्रों में जाकर देंखे। ब्लैम लगाने से अच्छा है कि पास से जाकर प्रत्यक्ष देंखे। धान खरीदी में कोई दिक्कत नहीं हो रही है। छोटी-मोटी दिक्कतें थीं, उसको दूर कर लिया गया है। कहीं भी धान खरीदी बंद नहीं हुई थी। राइस मिलरों से बातचीत नहीं होती तो समस्या हो सकती थी। उनसे बातचीत हुई है, समस्या का समाधान हो गया है।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा,धान खरीदी में टोकन की व्यवस्था पर कांग्रेस पार्टी ने लगातार आवाज उठाने के बाद सरकार ने 60-40 प्रतिशत आदेश दिया है। ऐप में देखा कि 15 जनवरी तक टोकन 60 प्रतिशत तक भरा हुआ है जबकि 31 जनवरी आखिरी तारीख है। बड़े किसान और मध्यम किसान धान नहीं बेच पाए है। उनकी मांग है कि प्रतिदिन धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाए। टोकन व्यवस्था को ठीक किया जाए। धान खरीदी की तारीख 15 दिन बढ़ाई जाए, तब सभी किसान धान बेच पाएंगे।
Updated on:
08 Dec 2024 07:52 am
Published on:
08 Dec 2024 07:52 am
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