सुहाग की सामग्री, साड़ियां खरीदने के साथ ही चिरचिर का दतवन, खीरा, करेला की खरीदारी करने में जुटी रहीं। शाम को करू भात खाने के बाद फिर 24 घंटे तक अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगी। तीज पर रतजगा करके माताएं-बहनें भजन-कीर्तन करते हुए बिताएंगी। भोर के पहर में पूजन करेंगी। घरों और कॉलोनियों में फुलेरा सजाकर भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना, कथा सुनकर सुहाग की सामग्री अर्पित करने से अखंड सौभाग्य और अच्छे वर की कामना करेंगी। तीज पर्व का व्रत रखना सोमवार को ही श्रेष्ठ है।