2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सम्मानजनक सीटें मिले तो भाजपा को हराने कांग्रेस से होगा समझौता : मायावती

बसपा छत्तीसगढ़ में 10 से 15 सीटों की मांग कर रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Deepak Sahu

•

Updated: 5 Jun 2018, 8:56 AM IST

mayavati

बसपा सुप्रीमो मायावती ने छत्तीसगढ़ के पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि यदि कोई सम्मानजनक समझौता होता है, तो भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस का हाथ थामने में कोई ऐतराज नहीं है।

रायपुर . बसपा सुप्रीमो मायावती ने छत्तीसगढ़ के पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि यदि कोई सम्मानजनक समझौता होता है, तो भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस का हाथ थामने में कोई ऐतराज नहीं है। हालांकि, उन्होंने पार्टी नेताओं से यह भी कहा है कि चूंकि अभी तक कोई पहल नहीं हुई है, इसलिए गठबंधन होने का इंतजार छोड़ सभी 90 सीटों पर अपनी तैयारी शुरू कर दें। गौरतलब है कि बसपा छत्तीसगढ़ में 10 से 15 सीटों की मांग कर रही है। छत्तीसगढ़ से बसपा के एकमात्र विधायक केशव चंद्रा ने एक बातचीत में कहा, यह कहना गलत है, छत्तीसगढ़ बसपा समझौते का विरोध कर रही है, लेकिन यदि 2 या 5 सीट दी जाती है, तो यह सम्मानजनक नहीं होगा।

READ MORE: मिशन-65, कांग्रेस से हारी 39 सीटों से अगली जीत का रास्ता बना रही भाजपा

उन्होंने कहा है कि बसपा मानती है कि राज्य की 10 से 15 सीटों पर हम बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई गठबंधन होता है तो उसका फायदा जरूर होगा, क्योंकि छत्तीसगढ़ में जीत का अंतर केवल 0.7 फीसदी है और बसपा के वोट 4.7 प्रतिशत हैं।

मध्यप्रदेश के समझौते से जगी उम्मीदें : बसपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि चूंकि मध्यप्रदेश में बसपा और कांग्रेस के बीच समझौता हो चुका है इसलिए इसकी संभावना ज्यादा है कि छत्तीसगढ़ में भी कोई रास्ता निकाल लिया जाए। लेकिन, प्रश्न यह है कि इसके लिए पहल कौन करे? विगत 26 मई को लखनऊ में हुए राष्ट्रीय अधिवेशन में बसपा सुप्रीमो मायावती ने छत्तीसगढ़ के नेताओं के साथ अलग से बैठक की थी, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर दिशा-निर्देश दिए थे। लालजी वर्मा को छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया गया था। उनके मातहत तीन प्रभारी एम.एल. भारती, हेम राजभर व अजय साहू की नियुक्ति की गई। राज्य में 5 जोनल कमेटियों का भी गठन कर दिया गया है। मायावती संभवत: जुलाई में छत्तीसगढ़ आएंगी।

READ MORE: Vikas Yatra: सीएम का रास्ता साफ करने यहां पेड़ों पर चलाई जा रही कुल्हाड़ी

मायावती ने छत्तीसगढ़ की अनारक्षित सीटों पर तीन-तीन प्रभारियों को और आरक्षित सीटों पर दो-दो प्रभारियों की नियुक्ति के आदेश दिए हैं। इन्ही प्रभारियों में से जिनका अच्छा काम होगा, उन्हें टिकट दिया जाएगा।

बसपा के विधायक केशव चन्द्रा ने बताया कि सम्मानजनक गठबंधन हुआ तो निश्चित उसका फायदा होगा और छत्तीसगढ़ में गठबंधन की सरकार बनेगी। लेकिन, इसका फैसला बसपा सुप्रीमो ही करेंगी।