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एक गाड़ी राशन दुकान से, दूसरी रास्ते में पकड़ी गई… रायपुर में सभी दुकानों के स्टॉक की जांच की मांग

Government Rice Case: गोबरा नवापारा में सरकारी चावल से जुड़े दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पकड़ी गई गाड़ियों, चावल की सुपुर्दगी और खाद्य विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
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PDS Rice Irregularities

गोबरा नवापारा में सरकारी चावल के दो मामले चर्चा में (Photo Source- Patrika)

PDS Rice Irregularities: सरकारी राशन के चावल से जुड़े दो अलग-अलग मामले सामने आने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई और जब्त चावल की सुपुर्दगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक मामले में वार्ड क्रमांक 2 स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान से चावल ले जा रही गाड़ी को कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने पकड़कर खाद्य विभाग को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस गाड़ी को थाने ले गई। वहीं, दूसरे मामले में रास्ते में बिचौलियों के कब्जे से चावल से भरी गाड़ी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।

दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं, लेकिन इनसे जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब अब तक स्पष्ट नहीं हैं। दोनों मामलों में कितनी मात्रा में चावल पकड़ा गया, खाद्यान्न की सुपुर्दगी किसे दी गई और संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है।

Food Department Action: दो मामले, लेकिन कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं

वार्ड क्रमांक 2 की शासकीय उचित मूल्य दुकान से चावल ले जा रही गाड़ी को पकड़े जाने के मामले में कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने खाद्य विभाग को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस गाड़ी को थाने ले गई। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और चावल की सुपुर्दगी को लेकर जानकारी की जरूरत है।

दूसरी ओर, रास्ते में बिचौलियों के कब्जे से चावल से भरी गाड़ी पकड़े जाने का मामला भी सामने आया है। यह मामला पहले प्रकरण से अलग बताया जा रहा है। ऐसे में दोनों घटनाओं के तथ्यों, जब्त चावल की मात्रा और विभागीय कार्रवाई का अलग-अलग विवरण सामने आना चाहिए, ताकि किसी एक मामले की कार्रवाई को दूसरे से जोड़कर भ्रम की स्थिति न बने।

खाद्य अधिकारी ने कार्यालय से जानकारी लेने की बात कही

दोनों मामलों की जानकारी और कार्रवाई की स्थिति जानने के लिए खाद्य अधिकारी श्रद्धा चौहान से संपर्क किया गया। उन्होंने कार्यालय से जानकारी लेने की बात कही। ऐसे में अब विभाग की ओर से आधिकारिक विवरण सामने आने का इंतजार है। दोनों प्रकरणों में चावल कहां से आया, उसे कहां ले जाया जा रहा था, उसकी सुपुर्दगी किसे दी गई और जांच में क्या तथ्य सामने आए, इन बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी जरूरी है। इससे कार्रवाई की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

सभी राशन दुकानों के स्टॉक की जांच की मांग

दो अलग-अलग घटनाओं के सामने आने के बाद अंचल की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने की मांग भी उठ रही है। इसके तहत दुकानों को मिले चावल के आवंटन, वितरण रजिस्टर और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दुकानों में दर्ज खाद्यान्न और वास्तविक उपलब्ध स्टॉक में कोई अंतर तो नहीं है। साथ ही, हितग्राहियों को मिलने वाले राशन की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकती है।

Ration Shop Stock Verification: आधिकारिक जानकारी सामने आने से दूर होगा भ्रम

सरकारी राशन जरूरतमंद परिवारों के खाद्य सुरक्षा अधिकार से जुड़ा है। इसलिए इससे संबंधित मामलों में पारदर्शिता और समय पर कार्रवाई की जानकारी महत्वपूर्ण है। दोनों प्रकरणों का रिकॉर्ड अलग-अलग सार्वजनिक होने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रत्येक मामले में क्या कार्रवाई हुई और जब्त चावल की सुपुर्दगी किस प्रक्रिया के तहत की गई। फिलहाल, दोनों मामलों में चावल की मात्रा, सुपुर्दगी और कार्रवाई का आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।