
सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी (Photo Patrika Create)
Vegetable prices: लगातार बारिश ने प्रदेश में सब्जियों की फसल का गणित बिगाड़ दिया है। कई जिलों में बाडि़यों, खेतों में पानी भरने से जून-जुलाई में लगाई गई सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसका असर अब बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। आवक घटने से सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं और आने वाले फेस्टिव सीजन में भी महंगाई का असर बने रहने की आशंका है। किसानों के मुताबिक नई फसल के लिए अभी इंतजार करना होगा। अक्टूबर में लगने वाली कई सब्जियों की फसल जनवरी-फरवरी तक तैयार होगी।
रायपुर के अलावा बलौदाबाजार, महासमुंद, राजिम, कवर्धा, बेमेतरा और बिलासपुर समेत कई सब्जी उत्पादक क्षेत्रों में बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। कारोबारियों के मुताबिक नदियों और नालों के किनारे लगी सब्जियों की फसल ज्यादा प्रभावित हुई है। राजधानी के भाठागांव क्षेत्र में भी खेतों में पानी भरने से सब्जियों की फसल खराब होने की स्थिति बनी है।
राजधानी के बाजार में फिलहाल करीब 70 फीसदी सब्जियों की आवक दूसरे राज्यों से हो रही है। स्थानीय उत्पादन कम होने के कारण कारोबारियों को बाहरी मंडियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। टमाटर की बड़ी मात्रा बेंगलुरु से पहुंच रही है। इसी तरह अन्य सब्जियों की आपूर्ति भी अलग-अलग राज्यों से हो रही है। दूरी बढ़ने के साथ परिवहन खर्च भी कीमतों में जुड़ रहा है।
डूमरतराई स्थित थोक सब्जी बाजार के अध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि स्थानीय खेतों से आवक बढऩे में अभी समय लगेगा। अक्टूबर में नई फसल की शुरुआत होने के बाद भी अधिकांश सब्जियों को बाजार तक पहुंचने में कई सप्ताह लगेंगे। ऐसे में जनवरी-फरवरी तक ही स्थानीय आवक सामान्य होने की उम्मीद है। यदि बारिश का असर आगे भी बना रहा तो फेस्टिव सीजन में सब्जियों की कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।
सब्जी-थोक-चिल्हर
टमाटर-25-30- 50-60
भिंडी-50-60- 70-80
तोरई-40-45- 60-70
पत्ता गोभी-25-30-40-50
लौकी-20-30- 40-50
धनिया-60-70- 80-100
Updated on:
01 Oct 2026 01:23 pm
Published on:
01 Oct 2026 01:22 pm
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