दूसरी ओर, चिकित्सा शिक्षा विभाग में नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ के 6300 से ज्यादा पद खाली है। इन पदों को भरने के लिए रोस्टर ही तय नहीं किया जा सका है। इस कारण विभाग की ओर से शासन को प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। हालांकि डेढ़ साल पहले शासन ने इन पदों को व्यापमं से भरने के लिए मंजूरी दे दी है। इसके बाद भी इसमें देरी की जा रही है। इसमें नर्स के अलावा विभिन्न टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाॅय, कंप्यूटर ऑपरेटर व दूसरे पद शामिल है। ये भर्ती सभी 10 मेडिकल कॉलेज व इससे संबद्ध अस्पतालों में की जाएगी। ये भी सीधी भर्ती होगी। अंबिकापुर कॉलेज ने अपने स्तर पर पदों को भरने की बात कही थी। वहीं, कांकेर कॉलेज में मामला हाईकोर्ट में चल रहा था।