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मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, अगले 48 घंटे मे आंधी और बिजली के साथ होगी भारी वर्षा

Red Alert Chhattisgarh: मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर आंधी और बिजली गिरने की भविष्यवाणी भी की है ।
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रायपुर

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Bhupesh Tripathi

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Updated: 28 Sep 2019, 5:02 PM IST

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, अगले 48 घंटे मे आंधी और बिजली के साथ होगी भारी वर्षा

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, अगले 48 घंटे मे आंधी और बिजली के साथ होगी भारी वर्षा

Red Alert Chhattisgarh: रायपुर. छत्तीसगढ़ के लोगों को अब बारिश (Heavy rainfall) से थोड़ी राहत मिली है। राजधानी (Raipur) समेत पुरे प्रदेश में धुप और बदली का आलम है। मॉनसून (Mansoon) को सक्रिय बनाए रखने में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाला निम्न दवाब क्षेत्र है। वैसे अक्टूबर में मॉनसून के विदाई का अनुमान लगाया जा रहा है।

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उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात के कुछ हिस्सों में आज भारी बारिश होने की संभावना है, भारत मौसम विज्ञान विभाग (weather Report) ने आज चेतावानी दी है । मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ने भी हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में भारी बारिश की भविष्यवाणी की थी। मौसम विभाग ने अपनी अखिल भारतीय मौसम चेतावनी बुलेटिन में कहा, "मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, सौराष्ट्र, कच्छ, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।

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मौसम विभाग ने (Madhya preadesh) मध्य प्रदेश, बिहार,(Chhattisgarh) छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर आंधी और बिजली गिरने की भविष्यवाणी भी की है ।गुजरात के तट पर स्क्वीली मौसम की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में उद्यम न करने की सलाह भी दी थी।

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गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ सहित कोंकण में बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसमी प्रणाली ऐसे ही बनी रहेगी। इसके कारण आने वाले 48 घंटों के में, गुजरात में और अधिक वर्षा की उम्मीद है। इसके अलावा राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भागों सहित कोंकण तथा दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अगले 48 घंटों के दौरान बारिश होने की संभावना है।

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हम कह सकते हैं कि 30 सितंबर तक इन क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा की गतिविधि जारी रहेगी। इस दौरान, एक-दो स्थानों पर भारी बारिश भी देखी जा सकती है। जिसके बाद, बारिश की गतिविधियां कम होने लगेगी। हम पहले से ही सितंबर महीने के अंतिम छोर पर हैं और इस समय इन प्रणाली की मौजूदगी निश्चित रूप से मॉनसून की वापसी में बाधा बन रही है। इन गतिविधियों से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि मॉनसून की वापसी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक ही संभव है। इस मौसम प्रणाली के अरब सागर में बने रहने के साथ 28 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी और उससे सटे आसपास के भागों पर एक निम्न दवाब का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अगले 48 घंटों के बाद इसके और अधिक चिह्नित होने की संभावना है।

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बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दवाब क्षेत्र
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों से बिहार होते हुए उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तक एक ट्रफ़ फैली हुई है। इसके अलावा, उत्तरी बंगाल की खाड़ी पर भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र विकसित है। इसके अगले 48 घंटों में निम्न दवाब के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। यह प्रणाली बहुत एक चिह्नितचक्रवाती हवाओं के क्षेत्र द्वारा समर्थित होगी। आम तौर पर, इस समय के दौरान सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे नहीं बढ़ता है। वह पुनरावृत्ति करता है, जो कि मॉनसून के निकासी प्रक्रिया को भी निर्धारित करता है।

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निम्न दवाब क्षेत्र के प्रभाव में आने वाले राज्य
चूंकि, यह प्रणाली बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश के करीब होगी, इसलिए इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अब तक के हिसाब से बारिश की कमी है। संभवतः, उत्तर प्रदेश और बिहार में हालिया बारिश के साथ आगामी प्रणाली में कमी के स्तर को नीचे खींचने में मदद मिलेगी। मॉनसून का मौसम 30 सितंबर को समाप्त हो जाएगा और बारिश की कोई भी गतिविधि इसके बाद मॉनसून के बारिश के तहत नहीं गिना जाएगा। हालांकि, यह बारिश कम बारिश वाले राज्यों में कुछ राहत लाने में मदद करेगी।

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