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संविलियन के बाद शिक्षाकर्मियों ने अब इस मांग को लेकर जताई नाराजगी, CM बंगले का करेंगे घेराव

संविलियन के फैसले के बाद नाराज चल रहे छत्तीसगढ़ के करीब 48 हजार शिक्षाकर्मियों ने सीधे तौर पर सरकार के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंक दिया है।
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 23 Jul 2018, 12:56 PM IST

shikshakarmi news

संविलियन के बाद शिक्षाकर्मियों ने अब इस मांग को लेकर जताई नाराजगी, CM बंगले का करेंगे घेराव

रायपुर. संविलियन के फैसले के बाद नाराज चल रहे छत्तीसगढ़ के करीब 48 हजार शिक्षाकर्मियों ने सीधे तौर पर सरकार के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंक दिया है। वेतन विसंगति, सातवां वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर वर्ग तीन के शिक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित स्कूल शिक्षा मंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के बंगले घेरने की चेतावनी दी है।

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छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रदेश संचालक चंद्रदेव राय और विकास राजपूत ने सरकार पर विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में वर्ग तीन के शिक्षाकर्मी सरकार से नाराज चल रहे हैं। अपनी नाराजगी प्रदर्शित करने के लिए मुख्यमंत्री और मंत्रियों के घर पहुंचकर प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इसके बाद अगस्त क्रांति के नाम से बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि आंदोलन की शुरुआत 28 जुलाई को राजनांदगांव में मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर किया जाएगा। प्रदेश में करीब 1 लाख 50 हजार शिक्षाकर्मी संविलियन के लिए वर्षों से लड़ाई लड़ रहे थे। सरकार से आठ साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षाकर्मियों के संविलियन का फैसला लिया है।

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इससे करीब 1 लाख 2 हजार शिक्षाकर्मियों को लाभ मिल रहा है। शेष करीब 48 हजार शिक्षाकर्मी इसके लाभ से वंचित है। हालांकि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि शेष बचे शिक्षाकर्मियों का चरणबद्ध तरीके से संविलियन कर दिया जाएगा। आठ साल की सेवा पूरी नहीं कर पाने वाले शिक्षाकर्मी सरकार के इस फैसले से नाराज चल रहे हैं।

इन तरीखों को होगा प्रदर्शन
28 जुलाई को राजनांदगांव में मुख्यमंत्री के खिलाफ
31 जुलाई को कसडोल (पल्लरी) में विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ
3 अगस्त को कुरुद में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के खिलाफ
6 अगस्त को बस्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री के खिलाफ
9 अगस्त को रायपुर में अगस्त क्रांति आंदोलन की शुरुआत