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Ganesh jhaki Canceled: राजनांदगांव में झांकी कैंसिल, भारी बारिश बनी वजह, आयोजकों ने लिया फैसला

Rajnandgaon Ganesh Jhaki: राजनांदगांव में भारी बारिश के चलते गणेश झांकी कैंसिल कर दी गई। मौसम को देखते हुए आयोजकों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आयोजन रद्द करने का फैसला लिया।
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Ganesh jhaki canceled

राजनांदगांव गणेश झांकी (photo Patrika)

Ganesh jhaki 2026: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में गणेश उत्सव के तहत आयोजित होने वाली झांकी बारिश की वजह से कैंसिल कर दी गई। लगातार हो रही बारिश और मौसम खराब होने के कारण आयोजकों ने झांकी नहीं निकालने का फैसला लिया। इससे गणेश उत्सव को लेकर तैयारियों में जुटे श्रद्धालुओं और समितियों को निराशा हुई।

बारिश से प्रभावित हुआ आयोजन

गणेश उत्सव के दौरान राजनांदगांव में झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती हैं। अलग-अलग गणेश समितियों की ओर से झांकियों को सजाया जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन्हें देखने पहुंचते हैं। लेकिन इस बार बारिश ने आयोजन की तैयारियों को प्रभावित कर दिया। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी और फिसलन की स्थिति बनने के साथ झांकी निकालने में भी परेशानी की आशंका थी। मौसम को देखते हुए आयोजकों ने कार्यक्रम को रद्द करने का निर्णय लिया।

झांकी में त्रिदेव के दर्शन होंगे

गणेशोत्सव समिति से जुड़े गणेश प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस बार उमंग गणेशोत्सव समिति की झांकी में त्रिदेव के दर्शन होंगे। वहीं बाल समाज समिति के विकास अग्रवाल ‘पम्पी’ ने बताया कि समिति की ओर से होली उत्सव की थीम पर झांकी तैयार कराई जा रही है। इसमें दो जीपों पर झांकी का प्रदर्शन होगा और आगे भव्य हाथी चलता दिखाई देगा।

झांकियां जाएंगी दूसरे शहर

26 सितंबर की रात राजनांदगांव में झांकियों के प्रदर्शन के बाद बाहर की समितियों की ओर से बुक की गई झांकियों को डोंगरगढ़, दुर्ग-भिलाई और रायपुर सहित अन्य स्थानों के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए अभी से बुकिंग शुरू हो गई है। यानी शहर की सडक़ों पर रात में नजर आने वाली कई आकर्षक झांकियां आने वाले दिनों में दूसरे शहरों की गणेशोत्सव शोभायात्राओं का भी हिस्सा बनेंगी।

पहले स्थानीय कलाकार बनाते थे

झांकियों की तैयारी का अंदाज भी पिछले कुछ वर्षों में बदला है। एक समय था जब गणेशोत्सव समितियों के सदस्य स्थानीय कलाकारों के साथ मिलकर झांकियां तैयार करते थे। रात-रातभर जागकर सजावट, रंग-रोगन और अंतिम रूप देने का काम चलता था। स्थानीय कलाकारों की कल्पना और मेहनत झांकियों में साफ दिखाई देती थी।