6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सीएम योगी नहीं दे सकेंगे मदरसों में दखल, दारुल उलूम ने निकाला यह तोड़!

दारुल उलूम देवबंद ने देशभर के मदरसों को दी सरकारी मदद न लेने की हिदायत
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सहारनपुर

•

image

lokesh verma

•

Updated: 16 Mar 2018, 10:28 AM IST

Saharanpur

सहारनपुर/देवबंद. दारुल उलूम ने देश के सभी मदरसो से अपील की है कि वे सरकारी अनुदान न लें। क्योंकि सरकारी अनुदान लेने से सरकार की मदरसों में दखलंदाजी हो जाती है। इस दखलंदाजी से बचने के लिए सरकारी अनुदान न लें। दारुल उलूम देवबंद पहले से ही इस उसूल पर कायम है कि सरकारी मदद नहीं ली जाएगी और दूसरे मदरसों को भी दारुल उलूम यही हिदायत देता है कि सरकार से कोई मदद नहीं ली जाए। कयास लगाए जा रहे हैं कि दारुल उलूम यह फरमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा मदरसों में की जा रही दखल के बाद दिया गया है। बता दें कि योगी सरकार ने मदरसों पर काफी सख्ताई दिखाई है। इसलिए कहा जा रहा है कि इससे बचने के लिए ही दारुल उलूम ने नया रास्ता निकाला है।

यह भी पढ़ें- इस तेजतर्रार एसएसपी ने किया ऐसा ऐतिहासिक काम जो आज तक कोई न कर सका

तजींम उलेमा ए हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष नदीम उल वाजिदी ने कहा कि मदरसे सरकार से मदद लेते हैं तो वह दखलंदाजी करती है। हुकूमत ये चाहती है कि वहां उनके हिसाब पढ़ाया जाए और उनके तौर-तरीके पर चला जाए। इसलिए सरकार की दखलंदाजी से बचने के लिए जरूरी है कि हमारे अरबीय दीनी मदरसे सरकार से कोई मदद ना लें। इसलिए दारुल उलूम ने तमाम मदरसों को ये हिदायत दी है कि वे सरकार की इमदाद न लें और ना ही कबूल करें। ये अपील देशभर के लिए है। उन्होंने कहा कि बाहर के देशों से इसका कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हम देखते हैं जो मदरसे चाहे वे यूपी में हों, बिहार में हों, आध्र प्रदेश में हों या बंगाल में ये सब मदरसे सरकारी इमदाद लेते हैं और मजबूरन सरकार के दबाव में काम करते हैं। अगर सभी को सरकार के दबाव से आजाद होकर और स्वतंत्रता के साथ काम करना है तो सरकारी इमदाद से बचना होगा।

यह भी पढ़ें- उपचुनाव के नतीजों से पहले मुख्यमंत्री याेगी पर लगे गंभीर आरोप, देखें वीडियो-