
भाजपा नेता को पुलिस ने रोका, गरमाया माहौल
सवाई माधोपुर नगर परिषद में उपसभापति चुनाव के लिए पर्चा दाखिल करने के दौरान मंगलवार को अचानक माहौल गरमा गया। नगर परिषद परिसर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रत्याशी के नामांकन के समय भाजपा पदाधिकारियों, समर्थकों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली। दरअसल, नामांकन कक्ष में प्रवेश को लेकर बने सुरक्षा घेरे पर जब पुलिस अधिकारियों ने समर्थकों की भारी भीड़ को रोकने का प्रयास किया, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान भाजपा के चुनाव प्रभारी मदन प्रजापत और सीओ सिटी राजेंद्र मीणा के बीच कहासुनी हो गई। चुनाव प्रभारी द्वारा पुलिस अधिकारी से 'बकवास मत करो' कहने और धक्कामुक्की किए जाने की घटना ने हड़कंप मचा दिया, जिसके बाद भाजपा नेताओं द्वारा सीधे मुख्यमंत्री से बात करने की बात कहते हुए परिसर के अंदर प्रवेश करने से कुछ देर के लिए मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई।
सवाई माधोपुर नगर परिषद में उपसभापति पद के नामांकन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई थी। लेकिन जैसे ही भाजपा प्रत्याशी अपने समर्थकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ नामांकन पत्र जमा करने पहुंचे, नगर परिषद के मुख्य द्वार पर लगे बैरिकेड्स पर तैनात पुलिस बल ने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए भीड़ को रोक दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि केवल प्रत्याशी और उनके अधिकृत प्रस्तावक ही नामांकन कक्ष के अंदर प्रवेश कर सकते हैं।
भीड़ को रोके जाने से नाराज भाजपा के चुनाव प्रभारी मदन प्रजापत की मौके पर मौजूद सीओ सिटी राजेंद्र मीणा से तीखी बहस शुरू हो गई। जैसे ही सीओ सिटी ने बैरिकेड्स पर प्रजापत को रोकने का प्रयास किया, माहौल और गरमा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मदन प्रजापत ने खुद को पार्टी का आधिकारिक चुनाव प्रभारी बताते हुए अंदर जाने से रोके जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस अधिकारी से कहा कि 'बकवास करने की जरूरत नहीं है' और मौके पर तुरंत एसडीएम को बुलाने की मांग की।
घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद अन्य भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के रुख पर सख्त नाराजगी जताई। भाजपा नेताओं ने मौके पर तैनात अधिकारियों से मुख्यमंत्री स्तर पर बात करने का दावा करते हुए दबाव बनाया। पुलिस और प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के तमाम प्रयासों के बावजूद, तीखी नोकझोंक और खींचतान के बीच भाजपा कार्यकर्ता और नेता बैरिकेड्स पार कर नगर परिषद परिसर के भीतर प्रवेश कर गए।
घटना के तुरंत बाद नगर परिषद परिसर और आसपास के क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर तैनात किया और माहौल को शांत कराया। कुछ देर तक चले इस ड्रामे के बाद आखिरकार भाजपा प्रत्याशी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक हलकों में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
Updated on:
22 Sept 2026 12:34 pm
Published on:
22 Sept 2026 12:34 pm
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