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अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर : अबतक 2000 सुअरों की मौत, इंफेक्शन रोकने के लिए ‘किलिंग प्लान’ तैयार

बीते कुछ दिनों से सुअरों की मौत हो रही थी। इसपर, पशुपालन विभाग ने मृत सुअरों के सैंपल राज्य पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला भेजे थे, जिसमें अफ्रीकन स्वाइन फीवर वायरस की पुष्टि हुई है।
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शिवपुरी

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 7 Jan 2023, 6:58 PM IST

News

अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर : अबतक 2000 सुअरों की मौत, इंफेक्शन रोकने के लिए 'किलिंग प्लान' तैयार

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर बढ़ता जा रहा है। आलम ये है कि, यहां अबतक करीब 2 हज़ार सुअरों की संक्रमण की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। इस मामले पर अब सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। इसी के तहत अब प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाके के सुअरों की किलिंग करने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में नगर पालिका द्वारा जानकारी दी गई है। आपको बता दें कि, बीते कुछ दिनों से शहर के सुअरों की लगातार मौत हो रही थी। इसपर, पशुपालन विभाग की ओर से मृत सुअरों के सैंपल भोपाल के राज्य पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला भेजे थे। यहां जांच में पुष्टि हुई है कि, मृत सुअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर यानी ASF नामक वायरस पाया गया है।

पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉक्टर तमोरी के अनुसार, हालांकि, इंसानों को इस बीमारी से घबराने की ज़रूरत नहीं है। क्योंकि अफ्रीकन स्वाइन फीवर बीमारी सिर्फ सुअरों के लिए ही घातक है। आम लोगों से अपील की गई है कि उनके आस-पास अगर सुअरों की अप्राकृतिक मृत्यु हो तो तत्काल जिला कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दें।

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क्या है अफ्रीकन स्वाइन फीवर ?

अफ्रीकन स्वाइन फीवर एएसएफ पालतू और जंगली सुअरों की अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो गंभीर आर्थिक और उत्पादन हानि के लिए जिम्मेदार है। मौजूदा समय में अफ्रीकन स्वाइन फीवर एएसएफ के लिए कोई इलाज या वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संक्रमित पशु की किलिंग ही संक्रमण को फैलने से रोकने का एक मात्र विकल्प है।

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क्या है सरकार की व्यवस्था ?

इस बीमारी की रोकथाम के लिए भारत सरकार के नेशनल एक्शन प्लान के अनुसार प्रभावित क्षेत्र की एक किलोमीटर की परिधि को इनफेक्टेड जोन और इसके आस - पास की 9 किलोमीटर की परिधि को सर्विलांस जोन घोषित किया जाता है। इंफेक्टेड जोन में सुअरों को मानवीय तरीके से किलिंग कर बदले में मुआवजा दे दिया जाता है। साथ ही, रोग नियंत्रण के लिए सुअरों के मांस को बेचने और उसके परिवहन पर अगले आदेश तक रोक भी लगाई जाती है।