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राष्ट्रगान शुरु था तो बाहर ही रुक गए 60 छात्र-छात्राएं, 10 मिनट लेट बोलकर प्राचार्य ने नहीं घुसने दिया स्कूल में

प्राचार्य ने गेट पर ताला जड़कर सभी को कहा- घर जाओ, नाराज विद्यार्थियों ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत करने की कही बात
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सुरजपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 26 Feb 2018, 9:18 PM IST

Students

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मानी चौक. सूरजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डेडरी निवासी में स्थित शासकीय हाईस्कूल व शासकीय प्राथमिक शाला के 60 विद्यार्थियों को 10 मिनट देरी से स्कूल पहुंचने पर प्राचार्य ने घर लौटा दिया। विद्यार्थियों ने मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से करने की बात कही है। उनका कहना था कि जब वे स्कूल की बाउंड्री के पास पहुंचे थे तो राष्ट्रगान शुरु हो चुका था।

इस कारण उन्होंने स्कूल के भीतर घुसना उचित नहीं समझा। जब राष्ट्रगान खत्म हुआ तो प्राचार्य ने यह कहकर स्कूल के गेट में ताला लगवा दिया कि सभी 10 मिनट लेट से पहुंचे हो। उन्होंने सभी को घर जाने को कहा।

सोमवार को ग्राम डेडरी में स्थित शासकीय हाईस्कूल व शासकीय प्राथमिक शाला के कुल 60 विद्यार्थी सोमवार की सुबह स्कूल के गेट पर ताला लगने से बाहर घूमते नजर आए। जब उनसे कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे जैसे ही सुबह 10 बजे स्कूल बाउंड्री के पास पहुंचे तो अंदर राष्ट्रगान शुरू हो चुका था, इस पर वे बाहर ही राष्ट्रगान बजने तक खड़े रहे।

जब राष्ट्रगान खत्म हुआ तो 10 बजकर 10 मिनट हो गया था और प्रधानाध्यापक ने स्कूल के गेट पर ताला लगवाकर हमें यह कहते हुए घर लौटा दिया कि तुमलोग आज देरी से स्कूल पहुंचे हो। प्रधानाध्यापक ने उनसे कहा है कि मंगलवार को परिजन के साथ आना तभी स्कूल में प्रवेश मिलेगा।

सोमवार को कक्षा नवमी व ग्यारहवीं की प्रायोगिक परीक्षा का अंतिम दिन है, ऐसे में उन्हें प्रायोगिक परीक्षा से वंचित होने का भय भी सता रहा है। प्रधानाध्यापक के इस व्यवहार को लेकर विद्यार्थियों ने कहा है कि हम इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से करेंगे।


विद्यार्थी कभी समय पर नहीं आते स्कूल
इस संबंध में प्राचार्य फिलमोन किस्पोट्टा ने कहा कि विद्यार्थी कभी भी समय पर स्कूल नहीं आते हैं, इसलिए उन्हें घर भेजा गया ताकि उनके परिजन को पता चल सके, रही बात उनकी प्रायोगिक परीक्षा की तो समय निकालकर परीक्षा करा दी जाएगी।


समझाइश देकर देना चाहिए था प्रवेश
डेडरी ग्राम पंचायत के सरपंच कामता प्रताप सिंह ने कहा कि स्कूल में काफी दूरी से बच्चे आते हैं इसकी वजह से उन्हें थोड़ी देरी हो जाती है। प्राचार्य को समझाइश देकर उन्हें प्रवेश देना चाहिए था।