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दुष्कर्म के बाद दरिंदों ने बेटी की फांसी पर लटका दी लाश! पुलिस से न्याय मांगने जा रहे पिता की सदमे में मौत

पिता ने गांव के एक ही घर के कुछ लोगों पर लगाया था रेप-हत्या का आरोप, कई बार जा चुका था थाना, आवेदन लेकर जाते समय रास्ते में गिरा
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सुरजपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 11 Oct 2018, 5:38 PM IST

Dead body

Man dead body

बड़वार. सूरजपुर जिले के रमकोला थाना अंतर्गत ग्राम बड़वार में पखवाड़े भर पूर्व किशोरी का शव जंगल में फांसी पर लटका मिला था। इस मामले में परिजन ने अनाचार के बाद हत्या की आशंका जताई थी।

उन्होंने इस मामले में गांव के एक घर के कुछ लड़कों पर ंसंदेह जताते हुए पुलिस के समक्ष निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई पहल नहीं होने पर बुधवार को मृतिका के पिता, भाई व एक अन्य व्यक्ति आवेदन लेकर रमकोला जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ग्राम घुई में मृतिका के पिता की तबियत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।

आनन-फानन में परिजन उन्हें अस्पताल ले जा ही रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। इस घटना से गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, पहले बेटी की मौत के बाद न्याय नहीं मिला और अब उसके सदमे में पिता की भी जान चली गई। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


गौरतलब है कि ग्राम बड़वार में 20 सितंबर को घर से निकली किशोरी का शव 23 सितंबर को बांध से कुछ दूरी पर फांसी से लटका मिला था। परिजन ने लड़की के साथ अनाचार के बाद हत्या की आशंका जताई थी। इस बीच परिजन ने गांव के ही कुछ लड़कों पर मामले में शामिल होने का आरोप लगाते हुए रमकोला थाने में आवेदन दिया।

इसमें बार-बार धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था, परिजन के अनुसार थाने में उन्हें आवेदन की पावती भी नहीं दी गई थी। पुलिस द्वारा सिर्फ एक ही बात कही जाती थी कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से परिजन संतुष्ट नहीं थे, उनका कहना था कि किशोरी से अनाचार कर उसकी हत्या करने के बाद शव को फांसी पर लटका दिया गया है, ताकि मामला आत्महत्या का लगे। वे न्याय चाहते थे। इसी आस में मृतिका के पिता रामप्रसाद, भाई व एक अन्य व्यक्ति बुधवार की सुबह बाइक से आवेदन लेकर रमकोला थाने जा रहे थे।

इसी दौरान रास्ते में ग्राम घुई में रामप्रसाद की तबियत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में प्रतापपुर अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजन ने आरोप लगाया कि पिता को बेहोशी की हालत में घुई में छोड़कर बेटा जब आवेदन लेकर रमकोला थाने पहुंचा तो पुलिस ने आवेदन लेने से इंकार कर दिया।

बेटे ने जब पिता की हालत से थाना प्रभारी को अवगत कराया तो कुछ देर बाद वे मौके पर पहुंचे और कहा कि इसमें हम क्या कर सकते हैं, उन्हें अस्पताल ले जाओ। इस मामले में रमकोला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


आवेदन में इस बात का था जिक्र
जिस आवेदन को लेकर मृतिका के पिता रमकोला थाने जा रहे थे, इसमें बेटी के साथ अनाचार के बाद हत्या करने का आरोप लगाया गया था। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि गांव का ही एक घर का लड़का मृतिका को भगाकर ले गया था, इसके बाद घटना के दो दिन पूर्व उस लड़के ने मृतिका को दो जगह मिलने बुलवाया, इसके बाद ही लड़की की लाश मिली।

परिजन ने लड़के के मोबाइल नंबर का भी उल्लेख किया है, तथा उसके द्वारा जान से मारने की धमकी का भी आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि पिता की मौत के बाद मामला बढ़ता देख गुरुवार को रमकोला पुलिस ने इस आवेदन को रिसीव कर लिया है।


गरीब परिवार पर टूटी आफत
मृतिका के पिता की भी मौत हो जाने से गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटी को न्याय दिलाने पिता व पूरा परिवार काफी दिनों से भटक रहा था, लेकिन कहीं से कुछ भी हासिल नहीं हुआ, उल्टा आवेदन लेकर न्याय की आस में थाने जा रहे पिता की भी सदमे में जान चली गई। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी खराब है, अगर सरकारी राशन नहीं मिलता तो खाने के भी लाले पड़ जाते। बताया जा रहा है कि मृतिका के पिता की मौत के बाद दाह संस्कार के लिए भी परिवार के पास रुपए नहीं थे, कुछ गांववालों ने मदद कर दाह संस्कार कराया।


गंभीरता से की जा रही है मामले की जांच
मामले में मर्ग कायम किया गया है। इस प्रकरण की पूरी गंभीरता से जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
गिरजाशंकर जायसवाल, एसपी, सूरजपुर