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बैण्ड-बाजा, घोड़ी ना बारात, मिसाल बन गई राजस्थान की ये अनूठी शादी, हर जगह हाे रही चर्चा

राजस्थान में हुआ एक अनूठा विवाह समारोह लोगों के लिए मिसाल बन गया।
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टोंक

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Santosh Trivedi

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Updated: 13 May 2018, 12:41 PM IST

Mass Marriage Conference

टोंक। शहर में शनिवार को हुआ एक अनूठा विवाह समारोह लोगों के लिए मिसाल बन गया। इसमें दूल्हा घोड़ी पर चढ़ा ना ढोल नगाड़े ही बजे । युवक-युवती ने ठाकुरजी के समक्ष एक-दूजे के वरमाला डालकर मरते दम तक साथ निभाने का वचन लिया।

ऐसी सादगी की मिसाल पेश की पुरानी टोंक निवासी शंकर साहू ने। विवाह समारोह में होने वाले अनावश्यक खर्च रोकने व फिजुलखर्ची से आहत शंकर ने वर्षों पहले ही सादगीपूर्ण विवाह करने की ठान ली थी।

यही कारण था कि दूल्हे ने विवाह के कार्ड छपवाने के स्थान पर भी फोन से ही संबंधियों को सूचना देना उचित समझा। घंटाघर क्षेत्र स्थित भगवान सीताराम मन्दिर में दूल्हा बने शंकर व दुल्हन बनी बड़ा तख्ता निवासी एवं निजी विद्यालय में शिक्षिका सीमा साहू ने नजदीकी सगे सम्बन्धियों के बीच एक दूसरे को वरमाला पहनाई। हालांकि विवाह समारोह में साक्षी बने समाज के लोगों ने जरूर नवयुगल को उपहार आदि भेंट किए।