पुलिस ने उसका शव भी मुर्दाघर पहुंचाया। बताया गया कि डाडमचंद के ससुराल में कोई वारिस नहीं है। ऐसे में ससुराल के खेत की देखरेख वही कर रहा था। इधर, जमीन पर अपना हक जताने को लेकर काका ससुर का लड़का सूरज रंजिश पाले हुए था। माना जा रहा है कि इसी वजह से सूरज ने हमला किया और आपसी झगड़े में दोनों की जान चली गई।