
Paper Leak In Rajasthan: सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी के बाद रविवार को पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से 5 दिन के रिमांड पर भेजा है। पकड़े गए स्टूडेंट्स में 7 लड़कियां भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से युवतियों को 2 दिन और युवकों को 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस आरोपियों के अन्य कनेक्शन का पता लगाने में जुटी है। आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। गिरोह के सरगना के साथ ही और भी सदस्य सामने आने की संभावना है। अभी तक मामले में कुल 55 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पेपर लीक करने के मामले में पुलिस ने दो थानों में केस दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक और मुकेश सांखला को दी गई है।
वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा के 5वें दिन शनिवार को पेपर लीक का मामला सामने आया था। मुख्य सरगना एक प्रिंसिपल और दो एमबीबीएस सहित चार जनों की ओर से 45 अभ्यर्थियों को चलती बस में पेपर में आए सवालों के जवाब बताए जा रहे थे। पेपर लीक करके अभ्यर्थियों को सवाल-जवाब बताने का खेल शुक्रवार शाम को शुरू हुआ था। उदयपुर में परीक्षा देने आए 45 अभ्यर्थियों को सुखेर थाना क्षेत्र से एक बस में बैठाया गया।
इन्हें उदयपुर से सिरोही रोड पर करीब 100 किलोमीटर तक ले जाया गया। इस बीच चलती बस में ही रात को मुख्य सरगना जोधपुर के थेलिया गांव में सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल सुरेश विश्नोई के मोबाइल पर पेपर पहुंचा। पेपर आते ही अभ्यर्थियों को सवाल-जवाब बताना शुरू किया। अभ्यर्थियों को पुन: उदयपुर लाकर एग्जाम सेंटर पहुंचाने के लिए बस मोड़ दी गई। पुलिस ने बेकरिया थाने के पास नाकाबंदी में रोककर सभी को दबोच लिया।
सभी आरोपियों को उदयपुर लाया गया, जहां सुबह से शाम आठ घंटे तक पूछताछ की गई। शाम को पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पेपर का समय होने से पहले पुलिस ने आरपीएससी से चर्चा कर पेपर लीक होने की जानकारी दी। तय समय 9 बजे केंद्रों पर पर्चा खोलते ही प्रश्नों का मिलान किया गया। ऐसे में 80 फीसदी प्रश्नों का मिलान हो गया। ऐसे में आरपीएससी ने भी पेपर निरस्त करने की जानकारी जारी की।
नकल गिरोह के खिलाफ राजस्थान पुलिस अब शिकंजा कसने जा रही हैं। महानिदेशक पुलिस उमेश मिश्रा ने बताया कि नकल कराने का प्रयास करने वालों के रिकॉर्ड को खंगाला जाएगा और इन तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मिश्रा ने बताया कि नकल कराने में लिप्त आपराधिक तत्वों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया (NSA) जाएगा। उन्होंने बताया कि नकल कराने वाले गिरोहों में शामिल अपराधियों की संपत्ति भी जब्त करने के लिए पासा कानून में संशोधन सुझाया जा रहा है। पासा कानून के अनुसार व्यक्ति को बिना किसी सार्वजनिक प्रकटीकरण के एक वर्ष तक की अवधि के लिए हिरासत में रखा जा सकता है।
Published on:
25 Dec 2022 07:12 pm
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