
हाईप्रोफाइल रिश्वतकांड में पकड़े गए। फोटो: पत्रिका
उदयपुर। नगर निगम के 272 भूखंड घोटाले का मामला और उसी में दो करोड़ की रिश्वत के हाईप्रोफाइल मामले में हर दिन राज खुल रहे हैं। एसीबी की जांच में खुल रहे राज में दलाल सज्जनसिंह और पीड़ित के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग में अहम बातें सामने आई हैं। बातचीत में एएसपी की ओर से कहा गया कि 'दो करोड़ रुपए ज्यादा नहीं है, इसमें से एक करोड़ रुपए तो ऊपर देने पड़ेंगे'। इस बात को लेकर इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि 2 करोड़ की रिश्वत के मामले में और भी लोगों की भागीदारी रही है।
एसीबी की जांच में सामने आई रिकॉर्डिंग में दलाल सज्जन सिंह और पीड़ित निरंजन मोगरा की बातचीत है। दलाल कह रहा था कि 'तुम्हारे बारे में एएसपी साहब से बात हो गई है। दो करोड़ में से एक करोड़ रुपए तो ऊपर तक जाएगा। तुम तो जल्द से जल्द रुपए का बंदोबस्त करो।' इस रिकॉर्डिंग को लेकर एसीबी भी असमंजस में है। रिश्वत से जुड़ी रकम और किसके पास जानी थी, इसको लेकर जांच लम्बी हो गई है। अब तक एएसपी के मोबाइल से राज नहीं खुले हैं। अगर उसके मोबाइल से साक्ष्य निकल पाते हैं तो मामले में और भी जुड़े लोगों के नाम सामने आना संभव होगा।
जांच अधिकारी महावीर सिंह शेखावत ने जांच आगे बढ़ाते हुए एसीबी टीम शुक्रवार को दलाल सज्जनसिंह को एएसपी मुकेश सोनी के घर ले गई। वजह ये कि एएसपी सोनी के घर दलाल का आना-जाना था। ऐसे में रिश्वत के मामले में भी दलाल एएसपी सोनी के घर जाकर मिला था। सज्जनसिंह की ओर से मिले इनपुट के आधार पर मौका तस्दीक कराई गई।
आरोपी एएसपी मुकेश सोनी ने रानी रोड पर रिश्वत की बात करने के लिए 23 सितंबर का दिन तय किया था। इस दिन सोनी ने तीन बार मिलने का समय बदला था। पहले सुबह 10 बजे मिलने के लिए कहा। इसे टालते हुए दोपहर 1 बजे और फिर शाम 5 बजे कर दिया। दलाल ने आश्वस्त किया कि 5 बजे एएसपी मिल ही जाएगा।
बताया गया कि दलाल सज्जन सिंह निरंजन मोगरा को लेकर महाकालेश्वर मंदिर के यहां पहुंचा था। करीब डेढ़ घंटे बाद 6.30 बजे एएसपी पहुंचा। उसने अपनी कार किनारे लगाई और दोनों को कार में बुलाया। तीनों के बीच 4 मिनट बात हुई। पूरे समय में मुकेश सोनी ज्यादा नहीं बोला। उसने रिश्वत डिमांड भी मोबाइल पर लिखकर की।
मामले में रीडर कांस्टेबल जसवंत राव अब भी फरार है। पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने एसओजी एडीजीपी की अनुशंसा पर प्रदेशभर में 30 कांस्टेबल को अलग-अलग शहरों की एसओजी में लगाया है। दो करोड़ रिश्वत मामले में फरार राव का नाम भी सूची में शामिल है, जिसे फिर एसओजी में लगाना बताया गया है।
Updated on:
03 Oct 2026 11:24 am
Published on:
03 Oct 2026 11:24 am
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