3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

वास्तु के अनुसार ऑफिस में करें छोटे से बदलाव, चमक सकती है किस्मत

Vastu Tips : दिवाली-धनतेरस पर बदला ट्रेंड, वास्तु और प्रकृति के रंग में रंगे बाजार, ऑफिस के प्रवेशद्वार को सजाने पर जोर
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

deepak deewan

•

Updated: 3 Nov 2026, 1:24 PM IST

Vastu Tips

Vastu Tips : AI Creative

Vastu Tips : दीपावली-धनतेरस पर घरों और दुकानों को रोशनी से सजाने की पुरानी परंपरा है, लेकिन इस बार सजावट का अंदाज कुछ बदला हुआ है। अब कारोबारी सिर्फ झालरों, फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से प्रतिष्ठानों को आकर्षक नहीं बना रहे, बल्कि उनके इंटीरियर में वास्तु और फेंगशुई के सिद्धांतों को भी शामिल कर रहे हैं। कहीं प्राकृतिक पौधों से हरियाली बढ़ाई जा रही है तो कहीं ऑफिस के प्रवेश द्वार, बैठने की दिशा और रोशनी के संयोजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वास्तुविद और ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि ऑफिस में छोटा सा बदलाव भी किस्मत बदलनेवाला साबित हो सकता है। यही कारण है कि युवा उद्यमियों के बीच मॉडर्न इंटीरियर के साथ पारंपरिक मान्यताओं को जोडऩे का चलन बढ़ रहा है।

6 नवंबर को धनतेरस के साथ बाजारों में खरीदारी का उत्साह बढ़ेगा। इसे देखते हुए प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों को सजाने-संवारने की तैयारी तेज हो गई है। इस बार सजावट में एक खास बदलाव यह है कि कारोबारी अपने ऑफिस और शोरूम को केवल त्योहार के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक उपयोगी और आकर्षक बनाए रखने की योजना पर काम कर रहे हैं।

दिशा और बैठने की व्यवस्था का भी महत्व

वास्तु विशेषज्ञ पंडित जगदीश शर्मा के अनुसार, किसी भी कार्यस्थल पर प्रवेश द्वार, प्रमुख व्यक्ति के बैठने की दिशा, रोशनी और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मान्यता के अनुसार, ऑफिस में प्रमुख व्यक्ति की कुर्सी ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां से प्रवेश द्वार दिखाई दे।

उत्तर व पूर्व दिशा को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इसके अलावा ऑफिस में टूटे सामान और अनुपयोगी वस्तुओं को जमा करने से भी बचना चाहिए। प्राकृतिक पौधे व पर्याप्त रोशनी कार्यस्थल के वातावरण को बेहतर बनाते हैं।

ऑफिस में बदली व्यवस्था

भोपाल के कैटरिंग व्यवसायी रामबाबू शर्मा ने इस बार अपने ऑफिस के रिसेप्शन व मीटिंग एरिया को नए सिरे से सजाया है। यहां प्राकृतिक पौधों और गर्म रोशनी का इस्तेमाल किया गया है। उनका कहना है कि ऑफिस में आने वाले ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिले और कर्मचारियों को भी आरामदायक माहौल मिले, इसी सोच के साथ बदलाव किए हैं।

आर्किटेक्ट राजेश चौरसिया का कहना है कि वास्तु का अर्थ सिर्फ दिशाओं का पालन करना नहीं है। प्रकाश, हवा, खुलापन और प्रकृति के साथ संतुलन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पेड़-पौधे केवल सजावट का हिस्सा नहीं होते, उनकी हरियाली, छाया व उन पर आने वाले पक्षी किसी भी जगह को जीवंत बनाते हैं।