
प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता, (Pc-UP Congress X)
CEC Gyanesh Kumar News: लोकसभा चुनाव 2024 में कथित तौर पर अनियमितताओं और देश भर में उठ रहे वोट चोरी के आरोपी को लेकर वाराणसी जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हुए वाराणसी लोकसभा चुनाव को निरस्त करने की और दोबारा चुनाव कराने की मांग की है। कांग्रेस ने चुनाव से जुड़े आरोपों की स्वतंत्रत और निष्पक्ष जांच करने की भी मांग उठाई है। कार्यकर्ताओं ने कहा है कि वाराणसी के असली सांसद नरेंद्र मोदी नहीं बल्कि यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन भी जिला प्रशासन को सौंपा है।
प्रदर्शन से पूर्व बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम अपना एक मांग पत्र भी सौंपा है, जिसमें वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच, रिकॉर्ड और मतगणना के आंकड़ों की जांच करने की बात कही है और इसमें अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी बात लिखी है।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने बताया कि वाराणसी लोकसभा चुनाव की मतगणना के दौरान कई सवाल उठे थे। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर चुनावी आंकड़े अलग थे, जबकि वास्तविकता कुछ अलग ही थी। उन्होंने बताया कि सभी बिंदुओं की स्वतंत्रता जांच की जानी चाहिए और चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी करते हुए जनता के सामने लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के साथ हेरफेर करके अजय राय को चुनाव हराया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर एक बड़ा प्रश्न खड़ा हो चुका है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश भर के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि वाराणसी में लोकसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर वोट चोरी और आंकड़ों से हेर फेर करते हुए वाराणसी से सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जीत दिलाई गई। इसके साथ ही कथित वोट चोरी के जरिए जनता के मताधिकार को भी प्रभावित किया गया। इस सब के पीछे मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका संदिग्ध है। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जानी चाहिए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'वोट चोरी बंद करो', 'लोकतंत्र बचाओ' और 'वाराणसी में पुन: मतदान कराओ' जैसे नारे लगाए।
Updated on:
28 Sept 2026 03:23 pm
Published on:
28 Sept 2026 03:20 pm
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