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यह पुलिसकर्मी भी होंगे सेवा से बाहर, बनायी गयी स्क्रीनिंग कमेटी

चार महिला प्रशिक्षु पुलिसकर्मी को बर्खास्त करने का डीजीपी दे चुके हैं निर्णय, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 8 Jul 2019, 6:04 PM IST

Banaras Police

Banaras Police

वाराणसी.सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार पहले ही दे रही दागी पुलिसकर्मियों को जबरदस्ती रिटायर कर रही है, जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। इसी बीच बनारस के एसएसपी ने एक नयी पहल शुरू की है। ट्रेनिंग पूरी कर चुके पुलिसकर्मियों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनायी गयी है यदि इन पुलिसकर्मियों का व्यवहार या ट्रेनिंग के दौरान विभाग के अनुशासन को तोड़ा होगा तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा।
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पुलिस भर्ती हो जाने के बाद अपनी नौकरी पक्की समझने वालों के लिए अब खतरे की घंटी बज गयी है। ट्रेनिंग के दौरान व अनुशासन तोडऩे वाले, जनता से खराब व्यवहार करने वालों को अब सजा मिलेगी। इन नियम उन पुलिसकर्मियों पर लागू होगा, जिन्होंने ट्रेनिंग तो पूरी कर ली है लेकिन अभी पूर्णकालिक नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। अधिकारियों की माने तो ज्वाइन कराने से पहले स्क्रीनिंग कमेटी से जांच कराने का निर्णय पुराना है जिसका अब कड़ाई से अनुपालन होगा।
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सिपाहियों के बाद एसआई का आयेगा नम्बर
यह नियम सिर्फ महिला व पुरुष सिपाहियों के लिए ही नहीं होगा। यह नियम अब ट्रेनिंग पूरा करने वाले एसआई पर भी लागू होगा। ट्रेनिंग पूरा करने वाले एसआई के लिए भी स्क्रीनिंग कमेटी बनायी जायेगी। इसके बाद ही उन्हें विभाग में पूर्णकालिक नौकरी करने का मौका मिल पायेगा।

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2016 से 2018 तक ट्रेनिंग करने वाले पुलिसकर्मियों की होगी स्क्रीनिंग
एसएसपी आनंद कुलकर्णी के अनुसार लगभग 2016 से 2018 तक ट्रेनिंग में आये पुलिसकर्मियों पर यह नियम लागू होगा। ऐसे पुलिसकर्मियों की संख्या 600 से 700 के बीच हो सकती है। स्क्रीनिंग कमेटी मुख्य रुप से ट्रेनिंग पूरी कर चुके पुलिसकर्मियों की व्यवसायिक दक्षता, तैनाती के दौरान पब्लिक से व्यवहार एंव अन्य चीजों की जांच की जायेगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मियों को नोटिस दी जायेगी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ही उन्हें सेवा से बाहर किया जायेगा।
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चार महिला प्रशिक्षु पुलिसकर्मी को सेवा से बाहर करने का डीजीपी ने दिया है निर्देश
पुलिस विभाग अपने अनुशासन को लेकर बेहद सख्त हो गयी है। बनारस में कुछ दिनों पहले पुलिस लाइन की अव्यवस्था को लेकर प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मियों ने सड़क जाम कर दिया था जिसके बाद एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने तीन सीओ से मामले की जांच करायी थी और अनुशासन तोडऩे के आरोप में चार महिला पुलिसकर्मियों को सेवा से बाहर करने की संस्तुति की गयी थी रिपोर्ट पर डीजीपी ओपी सिंह ने अपनी मुहर लगा दी है। इससे साफ हो जाता है कि अब चारों महिला प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग से पहले ही बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा।

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