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इस अनोखे थाने का DM व SSP भी नहीं कर सकते हैं निरीक्षण, अपनी कुर्सी पर नहीं बैठते हैं एसएचओ

जितने निरीक्षण करने की गलती की उसका हो जाता है तबादला, जानिए देश के अपने तरह के अनोखे पुलिस स्टेशन के बारे में
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 10 Jul 2019, 4:33 PM IST

Kotwali Police Station

Kotwali Police Station

वाराणसी. देश में एक ऐसा पुलिस स्टेशन है, जहां पर कोई अधिकारी निरीक्षण नहीं कर सकता है यदि अधिकारी ने गलती से इस थाने का निरीक्षण किया तो उसका तबादला होना तय है। पुलिस स्टेशन में थाना प्रभारी (SHO) की मुख्य कुर्सी पर पुलिस अधिकारी नहीं बैठता है बगल में रखी कुर्सी पर बैठ कर ही एसएचओ अपनी ड्यूटी करता है। देश में अपने तरह का यह अनोखा पुलिस स्टेशन है।
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IMAGE CREDIT: Patrika

महादेव की नगरी काशी में कोतवाली पुलिस स्टेशन की यही कहानी है। शिव के रौद्र रुप काल भैरव होते हैं, जिन्हें बनारस का कोतवाल कहा जाता है। कोतवाली थाने के असली मालिक कालभैरव होते हैं। कोतवाली पुलिस स्टेशन की एसएचओ की कुर्सी पर काल भैरव की फोटो रहती है और उसके बगल में रखी कुर्सी पर बैठ कर थाना प्रभारी रुटीन काम करते हैं। बनारस में यह थाना देश में अपने तरह का अनोखा है।
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जानिए क्यों अधिकारी नहीं कर सकते हैं निरीक्षण
बनारस में कोई अधिकारी ज्वाइन करने से पहले काशी विश्वनाथ व बाबा काल भैरव का दर्शन करता है उसके बाद ही पदभार संभालता है। जिस थाने के मालिक खुद कोतवाल हो, वहां का निरीक्षण कोई अधिकारी कैसे कर सकता है इसलिए कोतवाली थाने का कभी निरीक्षण नहीं होता है। अधिकारी वहां पर जाते भी हैं तो निरीक्षण नहीं कर पाते हैं। वर्षों पूर्व एक अधिकारी ने कोतवाली थाने का निरीक्षण किया था शाम तक उसका तबादला हो गया था इसके बाद से अधिकारी भी कोतवाली थाने से दूरी बना कर रखते हैं।
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बिना काल भैरव की अनुमति के यमराज भी नहीं ले जा सकते हैं किसी की आत्मा
काशी की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव की अनुमति के बगैर यमराज भी किसी की आत्मा को नहीं ले जा सकते हैं। काल भैरव का दर्शन करने से ही भक्तों को जन्मों के पाप से मुक्ति मिल जाती है। काल भैरव की महिमा अनोखी है ऐसे में उनके थाने में अधिकारी निरीक्षण करने की सोचते भी नहीं है।
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बाबा को प्रणाम कर कुर्सी पर बैठते हैं एसएचओ
कोतवाली थाने की कुर्सी पर विराजमान बाबा काल भैरव को प्रणाम करने के बाद ही थाना प्रभारी अपनी कुर्सी पर बैठते हैं। प्रतिदिन बाबा का फूल-माला चढ़ा कर उनसे आशीर्वाद लिया जाता है। कोतवाली थाने के पास ही बाबा काल भैरव का मंदिर है। काशी की इस धार्मिक मान्यता पुलिस पूरा ध्यान रखती है।
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