VDA की बड़ी कार्रवाई, वरुणा नदी के किनारे अतिक्रमण किये भवनों पर लगाये लाल निशान

जल्द हो सकती ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, जानिए क्या है कहानी

By: Devesh Singh

Published: 11 Dec 2017, 05:17 PM IST

वाराणसी. वीडीए ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरूणा कॉरीडोर के पास अतिक्रमण करके बनाये गये भवनों पर सोमवार को लाल निशान लगाया है। वीडीए वीसी पुलकित खरे के निर्देश पर वीडीए सचिव विकास सिंह व उनकी टीम ने मौके पर जाकर सारी कार्रवाई की है। कार्रवाई की जद में तारांकित होटल से लेकर मकान तक आ गये हैं। माना जा रहा है कि बहुत जल्द ही वीडीए का बुलडोर गरजेगा और अवैध निर्माण ध्वस्त हो जायेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ही यह अभियान चलाया जा रहा है अब देखना है कि बीजेपी विधायक का क्या रुख होगा।
यह भी पढ़े:-सीएम योगी की पुलिस को बड़ा झटका, बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबी अतुल राय को नहीं भेज पायी जेल



वरूणा नदी के किनारे 50 मीटर की दूरी पर किसी तरह का निर्माण नहीं हो सकता है इसके बाद भी विभिन्न विभागों की मिलीभगत से कुछ लोगों ने अवैध निर्माण कराया हुआ है, जिसको तोडऩे की कई बार कोशिश हुई है, लेकिन शासन व स्थानीय नेता के चलते अवैध निर्माण टूट नहीं पाया है। यूपी मेें अब बीजेपी की सरकार है और खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया है, जिसके चलते वीडीए के अभियान पर सबकी निगाहे लगी है। सबसे बड़ा सवाल है कि इस बार अवैध निर्माण ध्वस्त हो जायेगा या फिर पहले ही तरह अधिकारी ही बदल जायेंगे।
यह भी पढ़े:-UP College में छात्र गुटों में मारपीट, छात्रसंघ अध्यक्ष के साथ धक्कामुक्की

वीडीए के सचिव विशाल सिंह के नेतृत्व में चार टीमों ने 24 अतिक्रमण कर बनाये गये भवन पर लाल निशान लगाया है। कुछ लोगों ने कोर्ट एवं अन्य कागजात भी दिखाये हैं, जिसका लाल निशान लगाने के बाद मिलान कराया जा रहा है। वीडीए से मिली जानकारी के अनुसार शहर का तारांकित होटल रमांडा भी कार्रवाई की जद में आ गया है इसके अतिरिक्त कई आवास व दुकान भी वरूणा के ग्रीन कॉरीडोर की जद में आये हैं इन पर भी लाल निशान लगा दिया गया है। माना जा रहा है कि तीन दिन के अंदर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है।
यह भी पढ़े:-काशी को सड़क जाम से मुक्त करने की योजना पर काम शुरू, इन मार्ग पर होगा वन वे

क्या सफल होगी वीडीए वीसी की बड़ी मुहिम
वीडीए के वीसी पद का कार्यभार संभालने के बाद से ही युवा आईएएस पुलकित खरे ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाया है। वीडीए अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की सम्पत्ति को ऑनलाइन करना, मॉल व अस्पतालों में पार्किंग स्पेस को खाली कराना, बिना वीडीए की अनुमति से प्लाटिंग कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की है। बीजेपी के विधायक रविन्द्र जायसवाल ने वीडीए की कार्रवाई का पहले ही विरोध किया था। बीजेपी विधायक ने कहा था कि कार्रवाई के नाम पर किसी का उत्पीडऩ नहीं होने दिया जायेगा। अब देखना है कि सीएम योगी के निर्देश का पालन होता है या फिर बीजेपी विधायक पहले की तरह इस अभियान को रोक देते हैं।
यह भी पढ़े:-बाहुबली मुख्तार व मुन्ना बजरंगी के बीच छिड़ सकी गैंगवार, बदलेगा जरायम दुनिया का समीकरण

तीसरी बार हुई है यह कार्रवाई
वरूणा नदी के किनारे ग्रीन कॉरीडोर को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए तीसरी बार कार्रवाई हुई है। पहले तत्कालीन कमिश्रर अजय उपाध्याय व जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने लाल निशान लगवाये थे, लेकिन अतिक्रमण किये लोगों ने अपनी पहुंच को दिखाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं होने दी थी। खास बात है कि सपा के सारकार के समय तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रॉजेक्ट में भी यह अतिक्रमण बाधा बन रहे थे। पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी अतिक्रमण हटाना चाहते थे लेकिन सरकार होते हुए भी वह अतिक्रमण नहीं हटवा पाये।
यह भी पढ़े:-कांग्रेस व सपा को झटका देकर बीजेपी बनायेगी पहली बार यह रिकॉर्ड

Devesh Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned