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24 घंटे में 133 मिलिट्री ऑपरेशन, ईरान के सहयोगी ‘हूती’ को पूरी तरह से तोड़ने में जुटी सऊदी समर्थित यमन सेना

Iran War Impact: सऊदी समर्थित सेना ईरान के सहयोगी हूतियों को तोड़ने में जुट गई है। यमन सेना ने 24 घंटे में हूती लड़ाकों के खिलाफ 133 सैन्य अभियान चलाए।
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भारत

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Mukul Kumar

Aug 18, 2026

US Iran Tension

ड्रोन हमला। (फाइल फोटो- आईएएनएस)

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार और सऊदी अरब समर्थित यमन सेना ने ईरान के खास सहयोगी 'हूती समूह' को पूरी तरह से तोड़ने में जुट गई है।

'अलजजीरा' ने यमन सेना की ओर से जारी आधिकारिक बयान के हवाले से बताया कि पिछले 24 घंटों में सेना ने हूती लड़ाकों के खिलाफ 133 सैन्य अभियान चलाए। इस दौरान रॉकेट लॉन्चर, तोपखाने और ड्रोन का इस्तेमाल किया।

हूती ने भी जवाबी कार्रवाई की

यमन सेना ने खुलकर बताया कि इन हमलों का मकसद साफ था, किसी भी हालत में हूतियों की क्षमता और उनके जवानों को कमजोर करना है। बता दें कि इन हमलों के बाद हूती ने भी जवाबी कार्रवाई की। जिसके बाद यमन सरकार के नेशनल डिफेंस काउंसिल ने सोमवार को बैठक भी की।

बैठक में मैदानी हालात की समीक्षा की गई। जहां हूती समूह के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों ने विस्थापित शिविरों को निशाना बनाया। कई नागरिक मारे गए।

हमले बढ़ाने का आदेश

यमन सेना की ओर से बताया गया कि कई महिलाओं और बच्चों की जान चली गई। इस दौरान, काउंसिल ने सेना की तारीफ की कि उन्होंने कई हमलों को नाकाम किया और हूतियों को भारी नुकसान पहुंचाया।

काउंसिल ने अब हवाई और मिसाइल हमलों का दायरा बढ़ाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि और भी दर्दनाक जवाबी कार्रवाई की जाएगी। नुकसान का जायजा जल्दी लेने और घायलों व शहीदों के परिवारों की देखभाल करने के निर्देश भी दिए गए।

शांति की उम्मीद पर खतरा

हूती समूह 2014 से राजधानी सना और उत्तर यमन के बड़े हिस्से पर काबिज है। उन्होंने सऊदी अरब पर सीमा पार हमले बढ़ाए हैं और लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाया है।

संयुक्त राष्ट्र की कोशिशों से युद्धविराम की बात चल रही थी। थोड़ी शांति बनी थी और बातचीत की उम्मीद जगी थी। लेकिन अब हिंसा बढ़ने से यह शांति खत्म होने का खतरा है। दशक पुराना यह संघर्ष फिर भड़क सकता है।

यमन सेना दावा कर रही है कि उन्होंने हूतियों को बड़ा झटका दिया है। वहीं हूती हमलों से आम लोगों की जान जा रही है। विस्थापित परिवार पहले से ही मुश्किल में हैं। अब नए हमलों ने उनकी मुसीबत बढ़ा दी है। रक्षा परिषद ने साफ कहा कि जवाब में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।