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ईरान का सपोर्ट करने वाले हूतियों पर तोप से हमला, सऊदी समर्थित यमनी सेना का बड़ा एक्शन

ईरान समर्थित हूती समूह पर यमन में तोपखाने से हमला हुआ है। सऊदी समर्थित यमनी सेना ने अल-जौफ और मारीब में ठिकाने निशाना बनाए।
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भारत

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Mukul Kumar

Aug 17, 2026

Houthi Attacks Al-Makha Port

हमले को लेकर इस्तेमाल की गई प्रतीकात्मक तस्वीर। (फोटो सोर्स:@ddfmarketing1)

ईरान का सपोर्ट करने वाले हूती समूह पर यमन में तोप से हमला हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार ने यह कार्रवाई की है। यमन की सरकार ने सोमवार को दावा किया कि उसने उत्तरी अल-जौफ प्रांत में हूती समूह के ठिकानों पर तोपखाने से हमले किए।

उधर, सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सेना ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने अल-जौफ में हूतियों के जमावड़ों और अड्डों को निशाना बनाया। इससे पहले मारीब में भी यमनी बलों ने हूती लड़ाकों पर कई ड्रोन हमले किए।

हूती ठिकानों के खिलाफ 181 ऑपरेशन चलाए गए

शनिवार और रविवार को विभिन्न प्रांतों में हूती ठिकानों के खिलाफ 181 ऑपरेशन चलाए गए। इन कार्रवाइयों में दर्जनों हूती सदस्य मारे गए या घायल हुए। ये हमले तब हो रहे हैं जब पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। ईरान से जुड़े संघर्ष का असर यमन पर भी साफ दिख रहा है।

हूती समूह लंबे समय से ईरान का समर्थन पाता रहा है। यमन की सरकार और सऊदी अरब समर्थित ताकतें उन्हें रोकने की कोशिश कर रही हैं। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने भी इसको लेकर गंभीर चेतावनी दी है।

2022 से बनी हुई थी शांति

2022 में हुए समझौते के बाद अपेक्षाकृत शांति बनी हुई थी। अब दोनों तरफ से गोलाबारी बढ़ने से पुरानी लड़ाई फिर भड़कने का डर पैदा हो गया है। यमन पहले से ही दुनिया के सबसे गरीब और संकटग्रस्त देशों में गिना जाता है।

युद्ध फिर शुरू हुआ तो आम लोगों की तकलीफ और बढ़ जाएगी। अल-जौफ और मारीब जैसे इलाके रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। यहां नियंत्रण पाने की कोशिश दोनों तरफ से चल रही है।

क्या कह रही यमन सरकार?

यमनी सरकार का कहना है कि वे हूतियों की गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि, हमले को लेकर हूती पक्ष की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यमन की जनता पहले ही कई सालों से युद्ध, भूख और बीमारी से जूझ रही है। नई लड़ाई शुरू होने से राहत कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न निकले।