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क्या एक और युद्ध की आहट? लाल सागर तक पहुंच को लेकर इथियोपिया की जिद, पड़ोसी देशों से बढ़ा तनाव

Ethiopia Eritrea War Latest News: लाल सागर तक पहुंच को लेकर इथियोपिया और पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री अबी अहमद की मांग के बाद क्षेत्र में नए संघर्ष और जंग का खतरा गहराने लगा है।
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भारत

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Ashib Khan

•

Oct 06, 2026

Ethiopia Eritrea conflict 2026

इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद (Photo-IANS)

Ethiopia Red Sea Access War:इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद ने एक बार फिर अपने देश के लिए लाल सागर तक पहुंच की मांग दोहराई है। अहमद ने दूसरी बार शपथ लेने वाले के बाद संसद में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि इथियोपिया समुद्र तक अपना रास्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी रखेगा। उन्होंने समुद्र तक पहुंच को देश की सभ्यता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

पीएम अबी अहमद ने कहा कि लेन-देन और पारस्परिक हित के सिद्धांत के आधार पर हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे कि इथियोपिया को समुद्र तक पहुंच मिले।

चार देशों ने कहा- लाल सागर पर तटीय देशों का अधिकार

अबी अहमद के बयान से एक दिन पहले मिस्र के न्यू अलामेन में लाल सागर से जुड़े मुद्दों पर मिस्र, इरिट्रिया, सूडान और सोमालिया के नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद चारों देशों ने क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही।

बैठक के दौरान इन देशों ने स्पष्ट किया कि लाल सागर का शासन और प्रबंधन उसके तटीय देशों की विशेष जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने ऐसे किसी भी कदम का विरोध किया, जिससे मिस्र और सूडान के नील नदी के पानी के इस्तेमाल पर असर पड़ सकता है।

इसके अगले दिन इथियोपिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि लाल सागर से जुड़े किसी भी विमर्श में इथियोपिया के वैध हितों और इस समुद्र के साथ उसके स्थायी संबंध को ध्यान में रखना जरूरी है।

इरिट्रिया ने जताई आपत्ति

इरिट्रिया का आरोप है कि इथियोपिया उसकी सीमा और क्षेत्र के जरिए लाल सागर तक पहुंच हासिल करना चाहता है। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है।

वहीं, इथियोपिया के ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां डैम (GERD) को लेकर मिस्र और सूडान के साथ भी लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों देश नील नदी के पानी पर काफी हद तक निर्भर हैं और उन्हें आशंका है कि बांध से उनके जल संसाधनों पर असर पड़ सकता है।

सोमालिया ने बातचीत के जरिए रास्ता निकालने के संकेत दिए

सोमालिया के राष्ट्रपति हसन शेख मोहम्मद ने अबी अहमद को दोबारा प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने और हॉर्न ऑफ अफ्रीका में शांति, स्थिरता तथा साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम करने की उम्मीद करते हैं।

इससे पहले मोहम्मद ने कहा था कि सोमालिया को अपनी जमीन के जरिए इथियोपिया को लाल सागर तक पहुंच देने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके लिए दोनों देशों के बीच आधिकारिक बातचीत और समझौता जरूरी होगा।

1993 में खत्म हुआ था समुद्र तक सीधा रास्ता

इथियोपिया एक भू-आबद्ध देश है और 1993 में इरिट्रिया के स्वतंत्र होने के बाद उसने लाल सागर तक अपनी सीधी पहुंच खो दी थी। इरिट्रिया पहले इथियोपिया का हिस्सा था। इसके बाद से ही इथियोपिया के लिए समुद्री बंदरगाह तक पहुंच एक अहम रणनीतिक और आर्थिक मुद्दा बनी हुई है।

हाल के महीनों में लाल सागर तक पहुंच को लेकर इथियोपिया और उसके पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ा है। इथियोपिया ने इरिट्रिया, मिस्र और सूडान पर उत्तरी टिग्रे क्षेत्र में उसके खिलाफ सक्रिय विपक्षी ताकतों का समर्थन करने का आरोप लगाया है। टिग्रे में अब एक बार फिर अबी अहमद की सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज होने की खबरें हैं।