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ईरान की शर्त पर खुलेगा होर्मुज, अराघची बोले- अमेरिका पर भरोसा नहीं, महाविनाशकारी युद्ध के लिए भी तैयार

Iran Foreign Minister Statement: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन अमेरिका पहले भी दो बार बातचीत के दौरान ही युद्ध शुरू कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि वे एक महाविनाशकारी युद्ध के लिए भी तैयार हैं।
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abbas araghchi donald trump

Abbas Araghchi And Donald Trump (Photo-IANS)

Iran US War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को लेकर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने बड़ा बयान दिया है। अराघची ने अमेरिका पर बातचीत के दौरान हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2025 में अमेरिका ने बातचीत का प्रस्ताव दिया था, जिसे ईरान ने स्वीकार किया था। लेकिन बातचीत के बीच अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान अब भी बातचीत के लिए तैयार है। साथ ही अराघची ने यह भी कहा कि वह अमेरिका के साथ फिर से युद्ध शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यहां तक ​​कि 'महाविनाशकारी युद्ध' (DOOMSDAY WAR) के लिए भी तैयार है।

अमेरिका पर भरोसा क्यों नहीं?

अराघची ने अमेरिका को अविश्वसनीय बताते हुए पिछले दो साल की घटनाओं का जिक्र किया। अराघची ने अमेरिका पर बातचीत के दौरान हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2025 में अमेरिका ने बातचीत का प्रस्ताव दिया था, जिसे ईरान ने स्वीकार किया। लेकिन बातचीत के बीच अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया था। इसके आठ महीने बाद फरवरी 2026 में फिर बातचीत का प्रस्ताव आया और ईरान ने इसे स्वीकार किया, लेकिन इस बार फिर से अमेरिका ने बातचीत के बीच हमला किया।

2015 के समझौते का भी जिक्र

अराघची ने कहा कि फरवरी में शुरू हुए युद्ध के बाद अमेरिका ने फिर समझौते के लिए बातचीत शुरू की। दोनों देशों ने तीन महीने तक बातचीत की, लेकिन अमेरिका ने जिस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, उसे सिर्फ दो हफ्ते में तोड़ दिया। उन्होंने 2015 के समझौते का भी जिक्र किया और कहा कि ईरान उस समझौते के लिए प्रतिबद्ध था, जबकि अमेरिका बिना किसी उचित वजह के उससे बाहर निकल गया।

फिर भी शांति का रास्ता खुला

अराघची ने NBC को दिए इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा अमेरिकी सरकार के व्यवहार को देखते हुए ईरान के पास फिर से बातचीत शुरू करने की कोई वजह नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह कूटनीति जारी रख रहे हैं, क्योंकि शांति के किसी भी मौके को गंवाना नहीं चाहिए। हालिया कूटनीतिक प्रयासों में भी होर्मुज को दोबारा खोलना बातचीत का अहम मुद्दा रहा है।

ईरान की शर्तों पर ही खुलेगा होर्मुज

अराघची ने यह भी कहा कि अमेरिका कुछ कदम उठाए तो ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) खोलने के लिए तैयार है। इसके लिए ईरान युद्ध खत्म करने, फ्रीज की गई अपनी संपत्तियां जारी करने और तेल बेचने की अनुमति चाहता है। उनके मुताबिक, ये नई मांगें नहीं बल्कि ईरान के अधिकार हैं, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए।