
रूस ने नकारा प्लेग, क्रेमलिन बोला-अफवाहों पर न दें ध्यान, Photo Source@ANI
Siberia Plague: रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने साइबेरिया में प्लेग-रोधी संस्थान की एक लैब कर्मचारी की मौत प्लेग से होने की खबरों का खंडन किया है। अधिकारियों के मुताबिक जांच में उनके काम से जुड़ा कोई भी पैथोजन नहीं मिला। यूरोन्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह खंडन ऐसे समय में आया है जब 60 से ज्यादा सहकर्मी आइसोलेशन में हैं और इरकुत्स्क क्षेत्र के कई अस्पतालों में क्वारंटीन प्रतिबंध लागू हैं।
रूस की राष्ट्रीय स्वास्थ्य निगरानी संस्था 'रोस्पोट्रेबनादज़ोर' ने बताया कि, इरकुत्स्क प्लेग-रोधी संस्थान की 28 वर्षीय लैब असिस्टेंट डारिया शिपिलोवा के बायोलॉजिकल सैंपल में उनके काम से जुड़ा कोई सूक्ष्मजीव नहीं मिला। संस्था ने कहा कि संस्थान में बीमारी फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों से जुड़ी कोई दुर्घटना नहीं हुई। गंभीर निमोनिया के बाद 2 अक्टूबर को शिपिलोवा की मौत हो गई थी। संपर्क में आए लोगों में कोविड-19 के दो और राइनोवायरस के दो मामले मिले, जबकि किसी अन्य संक्रामक एजेंट की पहचान नहीं हुई।
क्षेत्रीय सुरक्षा सेवाओं से जुड़े अज्ञात सूत्रों के हवाले से पहले खबरें आई थीं कि लैब में टेस्ट ट्यूब टूटने के बाद उन्हें न्यूमोनिक प्लेग हो सकता है। इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोब्जेव ने कहा कि विशेष विशेषज्ञ आयोग ने मौत का कारण अज्ञात कारण से हुआ निमोनिया तय किया है। उन्होंने कहा कि, स्थिति हमारे और विशेषज्ञों के नियंत्रण में है।
इनकार के बावजूद संस्थान के 60 से ज्यादा कर्मचारी शुक्रवार से आइसोलेशन में हैं। शहर के तीन क्लिनिकल अस्पताल, इवानो-माट्रेनिनस्की बच्चों का अस्पताल और मैटरनिटी अस्पताल क्वारंटीन में रखे गए हैं। शेलेखोव का सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट अस्पताल, जहां शिपिलोवा रहती थीं, बंद कर दिया गया। शेलेखोव में इर्कुत्स्क एल्युमीनियम प्लांट में मास्क पहनने का नियम भी लागू है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों से कहा कि वे रोस्पोट्रेबनादजोर के आधिकारिक बयानों पर ध्यान दें, न कि तरह-तरह की अफवाहों और अटकलों पर।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि मौत का कारण आधिकारिक तौर पर कन्फर्म नहीं है। उसके मुताबिक संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर निगरानी की जा रही है और किसी में लक्षण नहीं दिखे। WHO अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों (2005) के अनुच्छेद 9 और 10 के तहत रूसी अधिकारियों के संपर्क में है। अनौपचारिक जानकारी के आधार पर आम जनता के लिए जोखिम कम लग रहा है, और नई जानकारी मिलने पर आकलन अपडेट होगा।
Updated on:
06 Oct 2026 05:21 am
Published on:
06 Oct 2026 05:20 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
