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Syria-Hezbollah conflict: खत्म होने जा रही सीरिया और हिजबुल्लाह की दुश्मनी? ईरान को रखा दूर, तुर्की ने कराई गुप्त मुलाकात

Syria and Hezbollah News: सीरिया की नई सरकार और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे विवाद खत्म हो सकता है। इसके लिए दोनों पक्षों ने तुर्की में गुप्त बातचीत की है। बैठक में तनाव कम करने और हथियारों की तस्करी रोकने पर चर्चा हुई, जबकि ईरान सीधे तौर पर शामिल नहीं था।
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syria hezbollah secret talks

Syria Hezbollah (फोटो- X post/ @staronline)

Middle East Politics: सीरिया की नई सरकार और लेबनान के हिजबुल्लाह के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने के प्रयास किया जा रहे हैं। ऐसे में एक जानकारी सामने आई है कि तनाव को कम करने के लिए दोनों पक्षों ने तुर्की में गुप्त बातचीत की है। दोनों पक्षों के प्रतिनिधि पिछले महीने कम से कम एक बार मिले। यह पहली ऐसी बैठक है जिसमें दोनों पक्षों के नेता सीधे आमने सामने बैंठे थे। इस बातचीत का मकसद तनाव कम करना और सुरक्षा से जुड़े विवाद सुलझाना था।

तुर्की ने कराई गुप्त बैठक

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक तुर्की की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बुलावे पर हुई। इसमें हिजबुल्लाह के प्रतिनिधियों के साथ सीरिया की खुफिया एजेंसी और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे। इसमें सीरिया के दो अधिकारी, एक अमेरिकी अधिकारी और हिजबुल्लाह के करीबी लेबनानी सुरक्षा अधिकारी शामिल थे। इस पूरी बातचीत में हिजबुल्लाह के मुख्य समर्थक ईरान की सीधी मौजूदगी नहीं थी। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को इसकी जानकारी थी और वह इससे खुश नहीं था।

असद के जाने के बाद बढ़ा तनाव

हिजबुल्लाह ने सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार के समर्थन में सालों तक अपने लड़ाके भेजे थे। लेकिन 2024 के अंत में विद्रोही गुटों के अचानक हुए हमलों के बाद असद को सत्ता से बेदखल होना पड़ा। असद के सत्ता से हटने के बाद सीरिया की नई सरकार और हिजबुल्लाह के रिश्ते खराब हो गए।

सीरिया ने रखी दो बड़ी मांगें

बैठक में सीरिया ने हिजबुल्लाह से सीमा पार हथियारों की तस्करी रोकने और खासकर दक्षिणी सीरिया में उसके बचे हुए गुप्त ठिकानों को खत्म करने की मांग की। सीरियाई अधिकारी के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने इन मांगों पर सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन सीरिया के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देने का वादा किया।

लेबनान में कार्रवाई नहीं करेगा सीरिया

सीरियाई अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों ने माना कि उनके बीच दुश्मनी नहीं है। सीरिया ने हिजबुल्लाह को भरोसा दिया कि वह उसे हथियार डालने के लिए मजबूर करने के लिए लेबनान में सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। लेबनानी सुरक्षा सूत्र के मुताबिक, बातचीत में सुरक्षा मुद्दों पर काफी प्रगति हुई।

अभी कोई अंतिम समझौता नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की के जरिए दोनों पक्षों के बीच संपर्क करीब दो महीने पहले शुरू हुआ था। ईरान के सीधे शामिल नहीं होने और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा द्वारा ईरान से संबंधों में दूरी रखने की वजह से कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ और बैठक की कोई आधिकारिक घोषणा भी नहीं की गई।