
Yemen Houthi Conflict: ईरान समर्थित हूती विद्रही। (फोटो सोर्स:@WelayetNews)
यमन में हूती विद्रोहियों की हिरासत में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और मानवीय सहायता से जुड़े दर्जनों कर्मचारी अब भी बंद हैं। दुनिया भर से इन लोगों की रिहाई की मांग उठने के बावजूद हूती अधिकारियों ने उन्हें रिहा नहीं किया है।
इस बीच, मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने खुलासा किया है कि मानवीय सहायता और मानवाधिकार के काम से जुड़े कम से कम आठ लोगों के खिलाफ जासूसी के आरोप में आपराधिक मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन आरोपों में दोषी पाए जाने पर मौत की सजा तक हो सकती है।
ह्यूमन राइट्स वॉच ने सोमवार को बताया कि 18 अगस्त 2026 से अब तक हूतियों ने मानवीय सहायता और मानवाधिकार से जुड़े कम से कम आठ लोगों को आपराधिक मुकदमे का सामना करने के लिए भेजा है। इन सभी पर जासूसी से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
इन आठ लोगों में संयुक्त राष्ट्र के दो कर्मचारी, एक UN सलाहकार और अंतरराष्ट्रीय व स्थानीय नागरिक संगठनों के साथ काम कर चुके पांच लोग शामिल हैं।
मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मामलों में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और दोष साबित होने पर संबंधित लोगों को मौत की सजा भी दी जा सकती है।
संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के मुताबिक, हूती अधिकारियों की हिरासत में अभी यूएन के 72 कर्मचारी और संयुक्त राष्ट्र के लिए पहले काम कर चुके पांच पूर्व कर्मचारी हैं। यानी कुल 77 मौजूदा और पूर्व यूएन कर्मचारी हिरासत में हैं।
हाल ही में विश्व खाद्य कार्यक्रम के एक कर्मचारी को रिहा किया गया था। हालांकि, इस एक रिहाई के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी अब भी हिरासत में हैं। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उनकी रिहाई की मांग की जा रही है।
मानवीय सहायता से जुड़े कर्मचारियों की हिरासत से उन संगठनों के काम पर भी असर पड़ने की आशंका है, जो यमन में जरूरतमंद लोगों तक भोजन, राहत सामग्री और दूसरी जरूरी मदद पहुंचाने का काम करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव और मानवीय मामलों से जुड़े अधिकारी मोहम्मद याहया ने हाल ही में एक बार फिर सभी हिरासत में लिए गए UN कर्मचारियों और दूसरे मानवीय सहायता कर्मियों को रिहा करने की मांग की है।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि हिरासत में रखे गए कर्मचारियों की रिहाई जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से भी इस मामले में लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक सभी कर्मचारियों की रिहाई का रास्ता साफ नहीं हुआ है।
यमन लंबे समय से संघर्ष और मानवीय संकट का सामना कर रहा है। ऐसे हालात में राहत संगठनों के कर्मचारी जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन कर्मचारियों की गिरफ्तारी और उन पर गंभीर आरोप लगाए जाने से राहत कार्यों से जुड़े संगठनों की चिंता बढ़ गई है।
Updated on:
11 Oct 2026 10:16 am
Published on:
11 Oct 2026 10:16 am
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