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Ambikapur Open Jail: छत्तीसगढ़ की पहली फैमिली ओपन जेल अंबिकापुर में, अब परिवार के साथ रह सकेंगे 2 बंदी

Ambikapur Central Jail: प्रदेश के पहली फैमिली ओपन जेल का छत्तीसगढ़ डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने किया शुभारंभा, सेवा संकल्प अभियान के तहत शुरू की गई है पहल
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Chhattisgarh 1st Family Open jail in Ambikapur

Ambikapur Open Jail, छत्तीसगढ़ डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने किया फैमिली ओपन जेल का शुभारंभ (Photo- Patrika)

अंबिकापुर. जेल की चारदीवारी के बीच बंदियों के सुधार और पुनर्वास की दिशा में अंबिकापुर केंद्रीय जेल से एक नई पहल शुरू हुई है। अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर शुक्रवार को केंद्रीय जेल अंबिकापुर में छत्तीसगढ़ की पहली परिवार खुली जेल (फैमिली ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन-ओसीआई) (Family Open Correctional Institution) का शुभारंभ किया गया। छत्तीसगढ़ के डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने इसका उद्घाटन किया। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन के सेवा संकल्प अभियान के तहत शुरू की गई है।

इस अनूठी व्यवस्था में फिलहाल 2 बंदी अपने परिवार के साथ जेल परिसर (Central Jail Ambikapur) में रह सकेंगे। बंदी सुबह रोजगार अथवा अन्य कार्यों के लिए जेल से बाहर जा सकेंगे और शाम को लॉकअप से पहले वापस जेल लौटेंगे। यानी बंदियों को परिवार से दूर रहकर सजा काटने के बजाय परिवार के साथ रहते हुए सामान्य जीवन की ओर लौटने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत सहित जेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

परिवार साथ, जिम्मेदारी भी साथ

फैमिली ओपन जेल (Family Open Jail) में रहने वाले बंदियों और उनके परिवार को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जेल विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। परिवार को पहले महीने का राशन भी विभाग उपलब्ध कराएगा। इसके बाद बंदी रोजगार के माध्यम से अपने परिवार के लिए राशन और अन्य जरूरतों की व्यवस्था स्वयं करेंगे। रोजगार के लिए जेल विभाग की ओर से अवसर उपलब्ध कराने के साथ वैकल्पिक रोजगार के साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

सुधार और पुनर्वास की नई राह

अंबिकापुर केंद्रीय जेल की उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए शुरू की गई यह व्यवस्था बंदियों को परिवार, रोजगार और समाज से दोबारा जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। जेल विभाग की योजना भविष्य में इस सुविधा का विस्तार करने की है, ताकि अधिक बंदियों को परिवार के साथ रहते हुए आत्मनिर्भर बनने और समाज की मुख्यधारा से जुडऩे का अवसर मिल सके।

DG Jail Chhattisgarh: पोट्र्रेट किया गया भेंट

कार्यक्रम के दौरान अंबिकापुर जेल परिसर स्थित सरगुजा स्कूल ऑफ आट्र्स में बंदियों (Prisoners) द्वारा तैयार किया गया डीजी जेल हिमांशु गुप्ता का पोट्र्रेट उन्हें भेंट किया गया। बंदियों की कला और रचनात्मकता को सामने लाने वाला यह प्रयास भी कार्यक्रम का आकर्षण रहा।

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