
Ambikapur News, अंबिकापुर कोतवाली (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। सोशल मीडिया पर बलात्कार पीडि़ता की पहचान उजागर करने, उसकी निजता भंग करने और कथित रूप से अश्लील व आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो (Social Media Influencer) और अकील अहमद अंसारी व अन्य के खिलाफ रविवार की रात एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने बीएनएस की धारा 196(1), 352 और 353(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरु की है। वहीं उक्त पीडि़ता के चरित्र पर लांछन लगाने के मामले में भाजपा नेता रविंद्र तिवारी के खिलाफ आजाक पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।
आकांक्षा टोप्पो व अकील अहमद अंसारी के खिलाफ शहर के गंगापुर निवासी शैलेन्द्र शर्मा ने शिकायत में आरोप लगाया है कि दोनों के अलावा अन्य संबंधित सोशल मीडिया चैनल संचालकों ने एक पीडि़ता की परिस्थिति का अनुचित लाभ उठाते हुए उसकी पहचान और निजता उजागर की। शिकायत में कथित रूप से अश्लील एवं गाली-गलौज वाली सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पीडि़ता का साक्षात्कार लेते समय उसके निजी अंगों से जुड़े आपत्तिजनक और अमर्यादित सवाल पूछे गए तथा इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Social Media Platform) पर प्रसारित किया गया। शिकायत में इसे पीडि़ता की निजता और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य बताया गया है।
इसके अलावा आकांक्षा टोप्पो पर सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार आपत्तिजनक भाषा, गाली-गलौज और भडक़ाऊ सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है। वहीं अकील अहमद अंसारी पर कथित रूप से विभाजनकारी बयान प्रसारित कर विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने का आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
इधर उपरोक्त पीडि़ता के ही संबंध में सार्वजनिक रूप से कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने और अनुसूचित जनजाति समुदाय को लेकर कथित अपमानजनक बयान देने के मामले में अजाक थाना पुलिस ने भाजपा नेता रविंद्र तिवारी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला पीडि़ता की पहचान, चरित्र और लंबित आपराधिक प्रकरण (Crime case) से संबंधित सार्वजनिक बयानों को लेकर सामने आया है।
मामले की शिकायत सुनीता सोनहा सहित विभिन्न संगठनों द्वारा 15 सितंबर को की गई थी। शिकायत के अनुसार रवीन्द्र तिवारी के नेतृत्व में एसपी को ज्ञापन देने के दौरान सार्वजनिक रूप से पीडि़ता के संबंध में कहा गया कि वह शंकरगढ़ थाने में पहले भी इसी तरह का कृत्य कर चुकी है। शिकायतकर्ताओं ने इस दावे की सत्यता पर सवाल उठाते हुए शंकरगढ़ थाने के अभिलेखों से इसकी पुष्टि कराने की मांग की है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि एट्रोसिटी एक्ट की आड़ में ऐसे कृत्य करने की बात कहकर रविंद्र तिवारी द्वारा पीडि़ता और उसके समुदाय को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया है। मामले में पुलिस ने भाजपा नेता रविंद्र तिवारी के खिलाफ बीएनएस की धारा 3-1 (आर), 3-1(यू), 3-1(डब्ल्यू-आईआई), 3(2), 3(2)(व्हीए), 196(1) व 153(2) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुुरु कर दी है।
Updated on:
05 Oct 2026 09:01 pm
Published on:
05 Oct 2026 09:01 pm
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