
रतलाम। रेल मंडल में जनवरी से लेकर 30 नवंबर तक कुल 11 बड़ी घटनाएं हुई। इसके बाद भी नोटिस व जांच से आगे रेलवे की कार्रवाई नहीं बढ़ पाई, हाल ही में 27 नवंबर को मालगाड़ी के रोल बैंक होने की घटना हुई। इसके पूर्व 1 जुलाई को मथेला में मालगाड़ी रोलबैक हुई थी। इस मामले में भी अधिकारियों को नोटिस देकर कार्रवाई पूरी कर ली गई।
मथेला में हुई थी घटना
रेल मंडल में मालगाड़ी के पीछे लुढ़कने की 27 नवंबर को दूसरी बार घटना हुई। इस प्रकार की एक घटना सपावद-खंडवा सेक्शन में मथेला में 1 जुलाई को हुई थी। तब मालगाड़ी के डिब्बों में गिट्टी भरी जा रही थी, उसी दौरान लोहे की चेन को तोड़कर 4 डिब्बे पीछे की तरफ चल दिए थे। मामले में अपर मंडल रेल प्रबंधक ने जांच समिति बनाई थी व दो सीनियर सेक्शन इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
इस वर्ष हुए यह हादसे
18 फरवरी डाउनयार्ड में इंजन नंबर 36198 पटरी से उतरा। रेल यातायात प्रभावित।
4 व 5 मार्च की रात पाइंट नंबर 107-108 को चित्तौडग़ढ़ से आ रही मालगाड़ी के चेन टूटने की घटना ने तोड़ा।
26 मार्च को ढोढऱ में मालगाड़ी का इंजन खराब हु़आ तो नौगांवा में पाइंट खराब होने की घटना हुई।
21 अप्रैल को मेमू ट्रेन का इंजन नागदा में खराब हुआ, टे्रन डेढ़ घंटे देरी से चली।
1 जून को मंदसौर पिपलियामंडी के बीच ट्रैक पर बिजली के पोल व पेड़ गिरे, रेल यातायात प्रभावित।
14-15 जून की रात अपयार्ड में मालगाड़ी के इंजन नंबर 100080 के चार व्हील पटरीपर उतरे। पांइट नंबर 169 पर हुई घटना की जांच 8 दिन में करने के आदेश।
21 व 22 जून की रात को मैसूर उदयपुर हमसफर ट्रेन की बोगी नंबर B-13 के व्हील में आग। 2 कर्मचारी निलंबित।
1 जुलाई को मथेला में मालगाड़ी के चार डिब्बे रोलबैक हुए।
14 अगस्त को रतलाम भिंड ट्रेन चलने से पहले ही इंजन खराब। डेढ़ घंटे देरी से चली टे्रन।
6 सितंबर को लिमखेड़ी में मुंबई दिल्ली राजधानी ट्रेन का इंजन खराब। 1.29 घंटे देरी से पहुंची ट्रेन।
27 नवंबर को अपयार्ड में मालगाड़ी पीछे की तरफ गई, बड़ी दुर्घटना।
दुर्घटना से सबक लिया जाता
घटना या दुर्घटना से सबक लिया जाता है। सतर्कता से लेकर संरक्षा के आदेश जारी होते है। पूर्व की घटना में भी इसी प्रकार के आदेश हुए है। किसी कर्मचारी पर कार्रवाई विभिन्न स्तर पर की जाती है।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल