
पेट्रोल डालकर जला रहे हैं कोरोना पीड़ितों के शव, जरा सी चूक से आग की चपेट में आ जाता ये कर्मचारी
भोपाल/ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जहां एक तरफ कोरोना वायरस से मौतों के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण से ग्रस्त होकर जान गवाने वालों के दाह संस्कार में प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। भोपाल में कोरोना ग्रस्त लोगों की चिता जलाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल कर दाह संस्कार किया जा रहा है, जिसमें एक जरा सी चूक दाह संस्कार करने वाले कर्मचारी की जान पर भारी पड़ सकता था।
भोपाल में इस तरह कोरोना पीड़ितों का हो रहा दाह संस्कार
बते दिनों अस्पताल से भोपाल के बैरागढ़ विश्राम घाट पर कोरोना से ग्रस्त होकर जान गवाने वाले व्यक्ति का शव लाया गया। नगर निगम कर्मचारी सुरेश के मुताबिक, दोपहर करीब ढाई बजे शव लाया गया। तीन निगम कर्मचारी पीपीई किट पहनकर शव को एंबुलेंस से उतारकर अंदर ले गए। तीनों ने अंतिम संस्कार लकड़ी बिछाई और शव उसपर रख दिया।शको लकड़ी से ढंककर उस पर पेट्रोल छिड़का, इसके बाद एक कर्मचारी भूरा को शव के दाह संस्कार का जिम्मा सौंपा गाय, बाकि कर्मचारी दूरी बनाकर खड़े हो गए। इसके बाद माचिस जलाकर चिता में डाल दी गई।
निगम कर्मचारी द्वारा इस घटनाक्रम को बताने की वजह ये थी कि, इस दौरान एक गंभीर हादसा भी होते-होते बचा था। मृतक के शव जल्दी जलाने के लिए लकड़ी ऊपर डाला गया पेट्रोल अग्नि के संपर्क में आते ही भड़क छठा। जिस भूरा कर्मचारी ने चिता को आग लगाई उसका जीवन खतरे में आ गया था। अगर वो ठीक समय पर सूझबूझ न दिखाकर चिता से दूर नहीं भागता, तो वो खुद भी आग की चपेट में आ जाता। वहीं, अगर पीपीई किट में थोड़ा सा भी पेट्रोल का अंश लगा होता, तो गंभीर हादसा हो सकता था।
Updated on:
15 Aug 2020 07:19 pm
Published on:
15 Aug 2020 07:19 pm
