
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की बढ़ाई गई ब्याज दर का फायदा मध्यप्रदेश के 72 लाख से अधिक तथा भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 7 जिलों के 18 लाख से अधिक मेंबर्स को मिलेगा। हालांकि यह बढ़ी हुई राशि 31 मार्च के बाद खाते अपडेट करने के बाद जुड़ेगी। यानी बढ़ी हुई राशि इस अवधि के बाद सदस्यों के खातों में दिखने लगेगी।
लगातार बढ़ रही ब्याज दर
उल्लेखनीय है कि इपीएफओ जमा पर याज दर 8.15 प्रतिशत से इपीएफओ लगातार ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी कर रहा है। वर्ष 2021-22 ब्याज दर 8.10 फीसदी थी, जो पिछले वर्ष बढ़कर 8.15 फीसदी हो गई। वर्तमान में यह दर बढ़कर 8.25 फीसदी हो गई। उल्लेखनीय है कि पीएफ की राशि मूल वेतन (महंगाई भत्ता सहित) की 12 प्रतिशत की दर से कटौती होती है। इतनी ही राशि नियोक्ता भी उसमें मिलाता है। खाते अपडेट करने के बाद जुड़ेगी राशि बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत करने की घोषणा की है। जानकारों का कहना है कि ये बढ़ी हुई दरें बैंक के बचत खाता, फिक्स्ड डिपॉजिट, पीपीएफ आदि स्कीमों में मिल रहे ब्याज दरों से ज्यादा है।
रजिस्टर्ड नहीं उनके खिलाफ कार्रवाई
हमारा विभाग लगातार रजिस्टर्ड कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने में लगा हुआ है। जो प्रतिष्ठान या तो कर्मचारियों को नियोजित नहीं कर रहे हैं या जो प्रतिष्ठान भविष्य निधि में रजिस्टर्ड नहीं हैं उनके खिलाफ कार्यालय कार्रवाई कर रहा है। बढ़ी हुई ब्याज दर का लाभ मेंबर को 31 मार्च के बाद खाते अपडेट होने पर मिलेगा।
- अमिताभ प्रकाश, क्षेत्रीय आयुक्त वन-इपीएफओ, क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल
Updated on:
14 Feb 2024 10:10 am
Published on:
14 Feb 2024 09:14 am
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