
Good News : पिछले कुछ माह से उधारी से सज रही बच्चों के पोषक आहार की थाली का स्वाद और निखर जाएगा। दरअसल अगले सप्ताह तक राज्य शासन ऐसे स्कूलों को भुगतान कर देगा जो अपने खर्चें से बच्चों को पोषक आहार खिला रहे थे। वहीं चार माह से अपने भुगतान के इंतजार में बैठी जिले की 2400 महिला मिड डे मील वर्करों को भी उनका वेतन मिल जाएगा।
राज्य सरकार के भुगतान न करने के कारण पिछले चार माह से जिले के स्कूलों में बच्चों को पोषक आहार खिलाया जा है। स्कूलों में सूखा राशन तो भिजवा दिया जाता है, लेकिन रसोई का अन्य सामान खरीदने के लिए चार माह से बजट जारी नहीं किया गया। लेकिन शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले सप्ताह तक स्कूलों और बिना वेतन के काम कर रही 2400 महिला वर्करों का भुगतान कर दिया जाएगा। भुगतान करने के लिए भी शिक्षा विभाग ने भी तैयारियां पूर्ण कर ली है। सभी के बिल भी बनकर तैयार हो चुके हैं। बस इंतजार है तो कैडर लिमिट जारी होने का।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पोषक आहार और कुक महिला वर्करों के भुगतान की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों के बिल तैयार कर पत्रावली कलक्टर ऑफिस पहुंचा दी गई है। तो वहीं आयुक्तालय से भी सेंशन निकाल दिया है। अब बस केवल एसएनए पोर्टल पर कैडर लिमिट जारी होने का इंतजार है। जो अगले 4-5 दिनों में जारी कर दिया जाएगा। जिसके बाद बिल आयुक्तालय भेजे जाएंगे। और उसके कुछ घंटों बाद ही सभी का बजट जारी कर दिया जाएगा।
जिले के राजकीय स्कूलों में पोषक आहार और महिला कुक कर्मियों का भुगतान पिछले 1 अगस्त से नहीं किया गया है। उन्हें अभी जुलाई तक का भुगतान मिल चुका है। रुपए नहीं मिलने स्कूलों सहित महिला कुक वर्करों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन अब शिक्षा विभाग कुछ दिनों में उनके भुगतान की बात कह रहा है। विभाग के अनुसार इन लोगों अगस्त माह से लेकर दिसबर तक का भुगतान किया जाएगा।
जिले में राजकीय स्कूलों की संख्या 1170 हैं। इन स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर 8 तक के करीब पौन दो लाख विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील तैयार किया जाता है। जिसमें प्राइमरी स्कूलों और अपर प्राइमरी स्कूलों के विद्यार्थी शामिल हैं। इसमें पहली से पांचवीं कक्षा तक के प्रत्येक बच्चे पर रोजाना मिड-डे मील के तहत जहां 5.45 रुपए खर्च होते हैं वहीं अपर प्राइमरी के विद्यार्थी पर यह खर्च बढ़कर 8.17 रुपए तक पहुंच जाता है। जिले के इन स्कूलों में 2400 महिला कुक वर्कर हैं जो बच्चों के लिए पोषक आहार बनाकर तैयार करती है।
जिले में स्कूलों की संख्या - 1170
राजकीय स्कूलों में लगभग बच्चे - 1.80 लाख
प्राइमरी के विद्यार्थियों पर खर्च - 5.45 रुपए
अपर प्राइमरी विद्यार्थियों पर - 8.17 रुपए
मिड डे मील वर्कर्स जिले में - 2400
स्कूलों के पोषक आहार भुगतान और महिला कुक कर्मियों के वेतन का मामला अंतिम दौर में है। बस अब एसएनए पोर्टल पर कैडर लिमिट आने का इंतजार है। जिसके बाद सबका भुगतान जारी हो जाएगा।
राजेश कुमार, डीईओ एलिमेंट्री
Updated on:
01 Dec 2024 02:26 pm
Published on:
01 Dec 2024 02:26 pm
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