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दृश्यम फ्रेंचाइजी में विजय सालगांवकर के झूठ का वो जाल जिसने पुलिस को हर मोड़ पर किया गुमराह

Vijay Salgaonkar Drishyam: दृश्यम फ्रेंचाइजी में विजय सालगांवकर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कई झूठ बोले, जिन्होंने पुलिस की पूरी जांच को उलझा कर रख दिया।
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मुंबई

•

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Rashi Sharma

•

Oct 02, 2026

Vijay Salgaonkar Drishyam

दृश्यम फिल्म से अजय देवगन की फोटोज। (फोटो सोर्स: IMDb)

Vijay Salgaonkar Drishyam:अजय देवगन की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'दृश्यम: द कंक्लूजन' आज (2 अक्टूबर) को रिलीज हो गई है। एक सस्पेंस क्राइम थ्रिलर फिल्म है। ये दृश्यम प्रेंचाईजी की तीसरी और आखिरी कड़ी है। हालांकि, ‘दृश्यम’ की कहानी में विजय सालगांवकर एक आम परिवार के मुखिया नजर आते हैं, लेकिन जब उनकी बेटी से जुड़ा एक हादसा पूरे परिवार को मुसीबत में डाल देता है, तो विजय अपनी फैमिली को बचाने के लिए ऐसा जाल बुनते हैं, जिसमें पुलिस भी उलझ जाती है। वह सिर्फ सबूत छिपाने की कोशिश नहीं करते, बल्कि पुलिस के सामने एक ऐसी कहानी तैयार करते हैं, जिसे झूठ साबित करना आसान नहीं होता।

‘दृश्यम’ से लेकर ‘दृश्यम 2’ तक विजय कई बार पुलिस को गुमराह करते हैं और दृश्यम 3 में भी वो ऐसा ही करते हुए नजर आ रहे हैं। तो चलिए जानते हैं विजय सालगांवकर के वो 5 बड़े झूठ, जिन्होंने फिल्म में पुलिस की जांच की दिशा ही बदल दी।

परिवार के साथ फिल्म देखने की कहानी

विजय की सबसे बड़ी चाल उनकी फिल्म देखने की कहानी थी। उन्होंने पुलिस को यकीन दिलाया कि घटना वाले दिन वह अपनी पत्नी नंदिनी और दोनों बेटियों के साथ फिल्म देखने गए थे। पुलिस की पूछताछ के दौरान उनकी फैमिली ने भी हर बार इसी कहानी को उसी तरह दोहराया। विजय और उनके परिवार ने पहले से ही टिकट, फिल्म और थिएटर से जुड़ी छोटी-छोटी बातों को याद कर लिया था, ताकि किसी के बयान में थोड़ा भी अंतर न नजर आए। यही कहानी पुलिस की जांच में सबसे बड़ा भ्रम पैदा करती है।

पन्हाला जाने की कहानी

विजय ने अपने परिवार के साथ पन्हाला जाने की बात भी पुलिस के सामने रखी। परिवार की यात्रा को इस तरह पेश किया गया कि ऐसा लगे कि घटना वाले दिन वे शहर में थे ही नहीं। विजय का ये झूठ कुछ इस प्रकार था, '2 अक्टूबर को उनका परिवार बस से स्वामी चिन्मयानंद के सत्संग में शामिल होने के लिए पणजी गया था, सत्संग के बाद उन्होंने एक फिल्म देखी और पाव-भाजी खाई।'

परिवार के बयानों को एक जैसा रखना

विजय का एक और बड़ा झूठ सिर्फ किसी एक घटना से जुड़ा नहीं था। उन्होंने अपने परिवार को इस तरह तैयार किया कि पूछताछ के दौरान किसी के बयान में बड़ा विरोधाभास न आए। अपनी झूठी कहानी को मजबूत बनाने के लिए विजय ने परिवार को पहले से कुछ बातें याद कराईं, जैसे बस की यात्रा, पाव भाजी खाना, आश्रम में रुकना, सत्संग सुनना, फिल्म देखना आदि। पुलिस के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि परिवार के सभी सदस्यों के बयान काफी हद तक एक-दूसरे से मेल खाते थे।

पुलिस ने विजय की बीवी और बेटियों से अलग-अलग सवाल किए, तो उन्हें लगभग वही कहानी सुनने को मिली। विजय की यही तैयारी जांच को लंबे समय तक सही दिशा तक पहुंचने से रोकती रही।

सबूतों को पहले ही गायब कर देना

विजय ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सिर्फ झूठे बयान पर भरोसा नहीं किया। उन्होंने हत्या क सबूतों को भी हटाने की कोशिश की, जो परिवार को फंसा सकते थे। घटना के बाद उसने शव और कार को ठिकाने लगाने और उससे जुड़े सबूत मिटाने की योजना बनाई। इसके बाद पुलिस के सामने ऐसा कोई सीधा सबूत नहीं था, जिससे परिवार को तुरंत दोषी साबित किया जा सके।

‘दृश्यम 2’ में पुरानी कहानी पर कायम रहना

‘दृश्यम 2’ में भी विजय सलगांवकर अपनी बनाई हुई कहानी से पीछे नहीं हटता है। पुलिस की जांच दोबारा शुरू होने के बावजूद वह अपने परिवार के साथ उसी कहानी पर कायम रहता हैं। इस बार पुलिस के पास ज्यादा सुराग होते हैं और केस पहले से कहीं ज्यादा पेचीदा हो जाता है। इसके बावजूद विजय हर सवाल का जवाब सोच-समझकर देता है और अपनी पुरानी कहानी को टूटने नहीं देते।

पुलिस से हमेशा एक कदम रहा आगे

‘दृश्यम 2’ में भी विजय का सामना पुराने केस और नए सबूतों से होता है, लेकिन वह अपनी बनाई कहानी को बचाने की पूरी कोशिश करता है। दृश्यम 2 में जब पुलिस की पूछताछ में विजय की छोटी बेटी से पूछताछ होती है और वो सच बता देती है तो विजय एक और चाल चलता है। वो अपने मीडिया के दोस्त को बुलाता है और मीडिया के सामने बोलता है कि मेरी फैमिली को मारा-पीटा गया, डराया गया और जबरन हमसे गुनाह कबूल कराया गया, जिसके बाद लोग पुलिस का विरोध करने लगे और पूरा परिवार एक बार फिर बच के निकल गया।

क्या थी विजय सलगांवकर की सबसे बड़ी ताकत

‘दृश्यम’ और दृश्यम 2 की कहानी में विजय का किरदार यह दिखाता है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए सिर्फ झूठ बोलना काफी नहीं होता। उसने अपने परिवार को भी उसी कहानी का हिस्सा बनाया और छोटी-छोटी बातों तक की तैयारी की। यही वजह है कि फिल्म में पुलिस बार-बार विजय और उसके परिवार तक पहुंचने की कोशिश करती है, लेकिन हर बार उसके सामने एक नया सवाल खड़ा हो जाता है।

'दृश्यम द कंक्लूजन' के बारे में

'दृश्यम 3', को दर्शकों और फिल्म क्रिटिक्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अब दर्शकों को उनके सबसे बड़े सवाल, "क्या विजय का झूठ सामने आएगा?" का जवाब मिल गया है। फिल्म रिलीज हो चुकी है और बिना कोई स्पॉइलर दिए कहा जा सकता है कि जनता को अब उनके सभी सवालों के जवाब 'दृश्यम: द कंक्लूजन' के रिलीज होने के बाद मिल गए हैं।

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