
राजीव मसंद और कंगना रनौत की फोटोज। (फोटो सोर्स: youtube- Starry Scoop and instagram- kanganaranaut)
Rajeev Masand on Kangana Ranaut: पूर्व फिल्म क्रिटिक और अब धर्मा कोलाब आर्टिस्ट्स एजेंसी (DCAA) के COO राजीव मसंद का मानना है कि कंगना रनौत का फोकस भटक गया है। स्क्रीन को दिए इंटरव्यू के दौरान कहा कि भले ही वह एक एक्टर के तौर पर कंगना को पसंद करते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि राजनीति में आने के बाद अब उनकी पर्सनैलिटी उनके एक्टिंग टैलेंट पर हावी हो गई है। कंगना कुछ साल पहले हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर भारतीय जनता पार्टी की सांसद बनी थीं।
राजीव ने बातचीत के दौरान कहा, "मुझे एक्टर कंगना की कमी खलती है। वह अब बस एक मजाक बनकर रह गई हैं।" उन्होंने कंगना की उस बात को भी खारिज कर दिया कि बॉलीवुड के बड़े लोगों ने उन्हें मौकों से वंचित रखा। उन्होंने तर्क दिया, "मुझे नहीं पता। बार-बार दोहराने के लिए यह एक अच्छी कहानी है। लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता। सच तो यह है कि बॉलीवुड सफलता का सम्मान करता है। शुरुआत में बहुत से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन एक बार जब आप सफल हो जाते हैं, तब ऐसा बिलकुल भी नहीं रहता।"
विकास बहल की 2014 की फिल्म 'क्वीन' में कंगना की परफॉर्मेंस की तारीफ करते हुए राजीव ने कहा कि वह आने वाले सीक्वल 'क्वीन 2' के लिए उनके और बहल के दोबारा साथ काम करने को लेकर "उत्साहित" हैं। 'साइरस सेज' पॉडकास्ट पर राजीव ने कहा, "जब भी उन्होंने कोई फिल्म इसलिए की क्योंकि वह एक बेहतरीन फिल्म थी, तो उन्होंने उसमें शानदार काम किया। लेकिन उसके बाद से, सब कुछ 'कंगना शो' जैसा हो गया है।"
उन्हें एक "बेहतरीन एक्टर" बताते हुए राजीव ने कहा कि उन्हें उस कंगना की कमी खलती है जो पूरी तरह से किरदार में ढल जाती थीं। उन्होंने कहा, "उसमें एक्टर की कोई झलक नहीं दिखती थी। वह पूरी तरह से किरदार बन जाती थीं।" हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है और उन्हें लगता है कि कंगना भविष्य में अपनी खोई हुई शोहरत वापस पा सकती हैं। उन्होंने कहा, "कौन जानता है," और इस बात से सहमत दिखे कि अपनी मौजूदा हालत से बाहर निकलने के लिए उन्हें सबसे पहले अपना पॉलिटिकल करियर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कंगना आलिया भट्ट के बराबर हैं और दोनों को हिंदी सिनेमा की बेहतरीन एक्ट्रेस बताया।
राजीव ने यह भी कहा कि कंगना जैसी सेलिब्रिटीज ही अपनी बेबाक राय से टैब्लॉयड को जिंदा रखे हुए हैं। उन्होंने कंगना, रियलिटी टीवी स्टार राखी सावंत और एक्टर गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा को "बेबाक, साफ और मजेदार" बताया और कहा कि वे "पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं"।
कंगना और राजीव के बीच झगड़ा तब शुरू हुआ जब उन्होंने राजीव (जो तब फिल्म क्रिटिक थे) पर आरोप लगाया कि उन्होंने उन्हें साल के आखिर में होने वाले मशहूर 'एक्ट्रेस राउंडटेबल' में नहीं बुलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव पक्षपात करते थे क्योंकि वे फिल्ममेकर करण जौहर के करीबी थे, कंगना का कहना था कि करण जौहर के कुछ पसंदीदा लोग थे जो सभी 'स्टार किड्स' थे, जबकि उनके जैसे 'आउटसाइडर्स' को नजरअंदाज किया जाता था। 2018 में, कंगना ने करण को नेपोटिज्म" का ध्वज वाहक" (Flagbearer of Nepotism) कहा था।
पांच साल पहले, जब राजीव करण के बैनर 'धर्मा प्रोडक्शंस' के टैलेंट मैनेजमेंट विंग 'DCAA' से जुड़े, तो कंगना ने कहा कि इस कदम से उनके पुराने दावों की पुष्टि हो गई। उन्होंने राजीव पर उनके और दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत (जिन्होंने 2020 में आत्महत्या कर ली थी) जैसे एक्टर्स के खिलाफ 'ब्लाइंड आइटम्स' लिखने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन 'ब्लाइंड आइटम्स' की वजह से उनके जैसे 'आउटसाइडर्स' को "मानसिक तकलीफ" होती थी।
Updated on:
29 Sept 2026 03:24 pm
Published on:
29 Sept 2026 03:01 pm
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