एलआर्इसी-आइडीबीआर्इ मंजूरी के विरोध में 11 हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर
आर्इडीबीआई बैंक के 11 हजार से अधिक कर्मचारी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा बैंक के अधिग्रहण को सरकार की मंजूरी मिलने के विरोध में गुरुवार से दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं।
एलआर्इसी-आइडीबीआर्इ मंजूरी के विरोध में 11 हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर
नई दिल्ली। आर्इडीबीआई बैंक के 11 हजार से अधिक कर्मचारी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा बैंक के अधिग्रहण को सरकार की मंजूरी मिलने के विरोध में गुरुवार से दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं। अखिल भारतीय आइडीबीआई अधिकारी संघ ने विज्ञप्ति जारी करके कहा कि संघ ने देश भर में राज्यों की राजधानी स्थित मुख्यालयों पर धरना भी दिया। इसके अलावा बैंककर्मी 10 अगस्त को नर्इ दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हड़ताल भी करेंगे।
इन्होंने दी थी जानकारी आर्इडीबीआइ बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि सरकार ने एलआर्इसी द्वारा अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। नियामकीय फाइलिंग में बैंक ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने बैंक में सरकारी हिस्सेदारी को 50 फीसदी से कम करने पर कोई आपत्ति नहीं है। वर्तमान में एलआर्इसी के पास आइडीबीआर्इ बैंक में 7.98 फीसदी हिस्सेदारी है।
उठ रहे हैं सवाल आर्इडीबीआर्इ बैंक की सबसे बड़ी समस्या डूबा कर्ज है। सवाल यह है कि आखिर इस तरह के बैंक में एलआर्इसी कैसे पैसे लगा सकता है, जबकि उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा करना है। बीमा नियामक इरडा ने इसके लिए कर्इ नियमों में ढील दी है। उसने एलआर्इसी को बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाकर 51 फीसदी करने की अनुमति दी है। इस फैसले की भी आलोचना हो रही है। नियमों के अनुसार, हिस्सेदारी की यह सीमा 15 फीसदी तक ही रह सकती है।