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Delhi Blast के मास्टरमाइंड डॉक्टर्स पर UAPA की कार्रवाई, जानिए कौन-कौन से अपराधों से छिन जाती है डॉक्टरी?

Delhi Blast मामले में UAPA और गंभीर धाराओं के आधार पर NMC ने चार डॉक्टरों का मेडिकल लाइसेंस रद्द कर दिया। जानिए मेडिकल रजिस्ट्रेशन क्यों हटाया गया और किन अपराधों से छिन सकती है डॉक्टरी।

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भारत

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Rahul Yadav

Nov 15, 2025

NMC action against doctors in the Delhi blast case

Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट मामले में डॉक्टरों पर NMC की कार्रवाई (Image: Patrika.com)

Delhi Blast: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 14 नवंबर 2025 को एक अहम आदेश जारी किया है। इसमें दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच के दौरान दर्ज हुई गंभीर एफआईआर के आधार पर चार डॉक्टरों के नाम इंडियन मेडिकल रजिस्टर (IMR) और नेशनल मेडिकल रजिस्टर (NMR) से हटा दिए गए। जांच एजेंसियों ने एफआईआर और आरोपों से जुड़ी जानकारी NMC को भेजी थी। इन आरोपों को गंभीर मानते हुए NMC ने डॉक्टरों के मेडिकल रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया है।

यह कार्रवाई यह दिखाती है कि कानून और मेडिकल नैतिकता के सख्त नियमों के तहत किसी डॉक्टर की 'डॉक्टरी' यानी मेडिकल प्रैक्टिस करने की अनुमति किन परिस्थितियों में खत्म हो सकती है।

Delhi Blast FIR में कौन-सी धाराएं लगीं?

NMC के आधिकारिक आदेश के अनुसार डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज FIR में जो धाराएं शामिल थीं उनकी जानकारी नीचे दी जा रही है।

विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act)

  • धारा 4/5: विस्फोटक पदार्थों का अवैध रूप से बनाना, रखना, इस्तेमाल करना या उनके जरिए नुकसान पहुंचना।

आर्म्स एक्ट (Arms Act)

  • धारा 7: बिना अनुमति हथियार रखना या बनाना।
  • धारा 25: अवैध हथियार रखने, चलाने या बेचने पर सजा।
  • धारा 27: अवैध हथियार का उपयोग कर चोट या नुकसान पहुंचाने पर कठोर दंड।

BNS (पूर्व में IPC) - भारतीय दंड संहिता की धाराएं

  • धारा 147: दंगल/बलवा (हिंसक भीड़) में शामिल होना।
  • धारा 148: घातक हथियार के साथ दंगल/बलवा करना।
  • धारा 152: सरकारी कर्मचारी पर दंगल/बलवा के दौरान हमला या बाधा डालना।
  • धारा 351(2): हिंसक हमला/आक्रमण जिससे चोट या गंभीर नुकसान हो।

इन धाराओं को भारतीय कानून में गंभीर कैटेगेरी का अपराध माना जाता है।

किन डॉक्टरों के नाम हटाए गए?

NMC के आदेश के अनुसार 4 डॉक्टरों के नाम तुरंत प्रभाव से रजिस्टर से हटाए गए हैं।

  • डॉ. मुजफ्फर अहमद (पंजीकरण संख्या: 14680/2017)
  • डॉ. अदील अहमद राथर (पंजीकरण संख्या: 15892/2019)
  • डॉ. मुजम्मिल शकील (पंजीकरण संख्या: 15130/2018)
  • डॉ. शाहीन सईद (पंजीकरण संख्या: 45961/2022)

इनमें से तीन डॉक्टर जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत थे जबकि एक डॉक्टर उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड था।

NMC ने कार्रवाई क्यों की?

NMC के आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि एफआईआर में दर्ज गंभीर अपराध, जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और आरोपों का स्वरूप मेडिकल पेशे की नैतिकता, ईमानदारी और सार्वजनिक विश्वास के मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।

आयोग ने यह भी कहा कि इंडियन मेडिकल काउंसिल के Professional Conduct, Etiquette & Ethics Regulations, 2002 के चैप्टर 1 के क्लॉज 1.1 और 1.2 इस मामले पर लागू होते हैं। इन नियमों के अनुसार कोई भी डॉक्टर ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता जो मेडिकल पेशे की गरिमा, पेशेवर नैतिक आचरण या जनता के भरोसे को नुकसान पहुंचाए।

कौन-कौन से अपराधों से छिन सकती है डॉक्टर की ‘डॉक्टरी’?

(आधिकारिक कानूनों के आधार पर)

1. आतंकवाद या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियां: गंभीर अपराधों की FIR डॉक्टर की रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आधार बन सकती है।

    2️. एक्सप्लोसिव/आर्म्स एक्ट के तहत अपराध: हिंसक या विस्फोटक गतिविधियों से जुड़े मामलों में भी डॉक्टर का लाइसेंस समाप्त किया जा सकता है।

    3️. फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करना: एथिक्स रेगुलेशंस, 2002 के अनुसार यह 'व्यावसायिक दुराचार' (Professional Misconduct) माना जाता है।

    4️. अवैध ऑर्गन ट्रेडिंग (Organ Transplant Act, 1994): ऐसे अपराध में शामिल पाए जाने पर लाइसेंस सीधा रद्द होता है।

    5️. भ्रूण लिंग परीक्षण (PCPNDT Act, 1994): यह गैर-जमानती अपराध है और डॉक्टर की डॉक्टरी तुरंत छिन सकती है।

    6️. गंभीर चिकित्सा लापरवाही: कोर्ट या मेडिकल बोर्ड द्वारा दोषी पाए जाने पर प्रैक्टिस निलंबित हो सकती है।

    7️. यौन अपराध, मानव तस्करी: इन्हें मेडिकल प्रोफेशन की नैतिकता के खिलाफ माना जाता है।

    8️. दवा कंपनियों से कमीशन लेना या अनैतिक आर्थिक लाभ लेना: इसे भी प्रोफेशनल मिसकंडक्ट माना जाता है।

    डॉक्टरी छिनने का मतलब क्या होता है?

    मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द/निलंबित हो जाता है। डॉक्टर भारत में कहीं भी प्रैक्टिस नहीं कर सकता किसी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज या क्लिनिक में नौकरी नहीं कर सकता मेडिकल सर्टिफिकेट, दवा लिखने या ऑपरेशन करने की इजाज़त खत्म