
गैस और हार्ट अटैक के लक्षणों का अंतर समझें- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Gas Pain vs Heart Attack: सीने में दर्द या भारीपन महसूस होते ही ज्यादातर लोग डर जाते हैं। मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या यह दिल का दौरा (हार्ट अटैक) है या फिर पेट में बनी गैस का असर? क्लीवलैंड क्लिनिकके अनुसार, दोनों ही स्थितियों में सीने के आसपास तकलीफ हो सकती है, इसलिए कई बार लोग गैस का दर्द समझकर गंभीर स्थिति को नजरअंदाज कर देते हैं या फिर मामूली एसिडिटी को देखकर घबरा जाते हैं। इस फर्क को समझना सेहत के लिहाज से बेहद जरूरी है। पेट में बनी गैस कई बार छाती की ओर दबाव बनाती है, जिससे बाएं हिस्से या सीने के ऊपरी भाग में हल्का दर्द महसूस हो सकता है। हालांकि, गैस का दर्द और हार्ट अटैक के लक्षणों में साफ अंतर होता है जिन्हें पहचानना काफी आसान है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, सीने में होने वाले दर्द का कारण जानने के लिए उसके व्यवहार को समझना जरूरी है। गैस का दर्द आमतौर पर पाचन तंत्र की गड़बड़ी से जुड़ा होता है, जबकि हार्ट अटैक सीधे हृदय में रक्त के प्रवाह में रुकावट के कारण होता है।
1.दर्द की जगह और फैलाव- पेट में गैस बनने पर दर्द ज्यादातर सीने के निचले हिस्से या पेट के ऊपरी हिस्से में होता है। यह दर्द डकार आने, गैस पास होने या बैठने की स्थिति बदलने से कम हो सकता है। इसके विपरीत, हार्ट अटैक का दर्द सीने के बीचों-बीच या बाईं तरफ भारी दबाव, जकड़न या निचोड़न जैसा महसूस होता है। यह दर्द धीरे-धीरे कंधों, गर्दन, जबड़े, पीठ या दोनों हाथों (विशेषकर बाएं हाथ) तक फैलने लगता है।
2. समय और स्थिति- गैस का दर्द अक्सर खाना खाने के तुरंत बाद होता है और डकार लेने या टहलने पर शांत होने लगता है। वहीं, हार्ट अटैक का दर्द अचानक शुरू हो सकता है, जो कम से कम 10 मिनट या उससे अधिक समय तक लगातार बना रहता है। यह आराम करने या डकार लेने से ठीक नहीं होता।
3. अतिरिक्त लक्षण- गैस की समस्या होने पर पेट फूलना, खट्टी डकारें आना या पेट में ऐंठन महसूस हो सकती है। लेकिन हार्ट अटैक में सीने में दर्द के साथ सांस फूलना, अचानक ठंडा पसीना आना, चक्कर आना और घबराहट होना मुख्य लक्षण हैं।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, दिल के दौरे के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। पुरुषों और महिलाओं में इसके संकेत थोड़े भिन्न भी दिख सकते हैं। निम्नलिखित चेतावनी संकेतों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए;
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, जब कोई मरीज सीने में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचता है, तो डॉक्टर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कुछ जरूरी जांच करते हैं;
1.ईसीजी (ECG / EKG)- यह सबसे पहला और मुख्य टेस्ट है। इसमें दिल की विद्युत तरंगों (Electrical Signals) को रिकॉर्ड किया जाता है। इससे यह तुरंत पता चल जाता है कि दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंच रहा है या नहीं।
2. ट्रोपोनिन ब्लड टेस्ट (Troponin Test)- जब दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है, तो ट्रोपोनिन नाम का प्रोटीन खून में घुलने लगता है। ब्लड टेस्ट करके इस प्रोटीन के स्तर की जांच की जाती है, जो हार्ट अटैक की पुष्टि करता है।
3. इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram)- यह दिल का अल्ट्रासाउंड होता है, जिससे यह देखा जाता है कि दिल के वॉल्व और मांसपेशियां सही तरीके से पंप कर रही हैं या नहीं।
4. कोरोनरी एंजियोग्राम (Coronary Angiogram)- इसमें एक पतली ट्यूब (कैथेटर) के जरिए दिल की धमनियों में खास डाई डाली जाती है और एक्स-रे लिया जाता है। इससे यह साफ दिखता है कि किस रक्त वाहिका में रुकावट (Blockage) है।
5. चेस्ट एक्स-रे (Chest X-Ray)- इससे दिल के आकार और फेफड़ों की स्थिति की जानकारी मिलती है।
यदि आपको लगता है कि सीने का दर्द गैस का है, लेकिन वह घरेलू उपायों या दवा से 15-20 मिनट में ठीक नहीं हो रहा है, तो बिना देर किए नजदीकी अस्पताल जाना चाहिए। यदि सीने में दर्द के साथ सांस फूल रही हो, ठंडा पसीना आ रहा हो या दर्द बाएं हाथ और जबड़े तक जा रहा हो, तो इसे गैस समझने की भूल बिल्कुल न करें। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसमें एक-एक मिनट की देरी भारी पड़ सकती है। नियमित हेल्थ चेकअप के दौरान भी ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ईसीजी की जांच करवाते रहना चाहिए ताकि दिल से जुड़ी बीमारियों का समय रहते पता चल सके।
Updated on:
01 Oct 2026 08:09 am
Published on:
01 Oct 2026 08:09 am
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