
शरीर में लैक्टिक एसिड के बढ़ने से क्या फर्क पड़ता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Lactic Acidosis Cause: अक्सर कसरत या भारी वर्कआउट करने के बाद मांसपेशियों में खिंचाव, जलन या दर्द महसूस होना बेहद आम बात है। कई बार ज्यादा पैदल चलने या भारी सामान उठाने के बाद भी पैर भारी-भारी लगने लगते हैं। हम में से ज्यादातर लोग इसे सामान्य थकान समझकर टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर में बनने वाला यही लैक्टिक एसिड कई बार किसी गंभीर बीमारी का इशारा भी हो सकता है? जब शरीर में लैक्टिक एसिड का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और खून में एसिड की मात्रा संतुलन से बाहर होने लगती है, तो इस मेडिकल कंडीशन को 'लैक्टिक एसिडोसिस' (Lactic Acidosis) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि लैक्टिक एसिडोसिस क्या है, यह क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, जब हम कोई भी काम करते हैं या आराम करते हैं, तो हमारे शरीर को ऊर्जा (एनर्जी) की जरूरत होती है। हमारा शरीर भोजन से मिलने वाले ग्लूकोज (शक्कर) को तोड़कर ऊर्जा बनाता है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन की सबसे अहम भूमिका होती है। लेकिन जब आप बहुत तेज भागते हैं, भारी कसरत करते हैं या शरीर में किसी वजह से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, तो कोशिकाएं बिना पर्याप्त ऑक्सीजन के ही एनर्जी बनाने लगती हैं। इस दौरान शरीर में एक बाय-प्रोडक्ट बनता है, जिसे 'लैक्टिक एसिड' (Lactic Acid) या लैक्टेट कहते हैं। सामान्य स्थिति में हमारा लिवर और गुर्दे (किडनी) इस लैक्टिक एसिड को लगातार साफ करते रहते हैं, लेकिन जब इसका बनना बहुत तेज हो जाए या शरीर इसे साफ न कर पाए, तो समस्या शुरू होती है।
लैक्टिक एसिडोसिस तब होता है जब खून में लैक्टिक एसिड की मात्रा इतनी बढ़ जाती है कि शरीर का pH लेवल (एसिड-बेस बैलेंस) बिगड़ने लगता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक इसे मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जाता है;
जब खून में एसिड का स्तर बढ़ता है, तो शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है। इसके प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं;
वेबएमडी (WebMD) के अनुसार, जब आप जिम में भारी वजन उठाते हैं या तेज दौड़ते हैं, तो मांसपेशियों में जलन होना स्वाभाविक है। इसे 'अस्थाई लैक्टिक एसिड बिल्ड-अप' कहते हैं। जैसे ही आप कसरत रोकते हैं, सांसें सामान्य होती हैं और थोड़ा पानी पीते हैं, आपका लिवर कुछ ही घंटों में उस लैक्टिक एसिड को साफ कर देता है। लेकिन अगर बिना किसी भारी कसरत के भी आपको मांसपेशियों में लगातार दर्द, सांस फूलना, पेट में दर्द या बहुत ज्यादा सुस्ती महसूस हो रही है, तो यह कसरत की सामान्य थकान नहीं बल्कि अंतर्निहित बीमारी के कारण होने वाला लैक्टिक एसिडोसिस हो सकता है।
अगर आपको या आपके किसी परिजन को अचानक बहुत तेज सांस चलने लगे, चक्कर आकर बेहोशी जैसी स्थिति बने, पेट में तेज दर्द हो या ठंडा पसीना आने लगे, तो इसे मामूली थकान समझकर नजरअंदाज न करें। यह एक मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। डॉक्टर खून की जांच (Blood Gas Test और Lactic Acid Test) करके शरीर में इसके सही स्तर की पहचान करते हैं।
अगर यह किसी अंदरूनी बीमारी (जैसे लिवर, किडनी या हार्ट प्रॉब्लम) के कारण है, तो मुख्य बीमारी का इलाज ही इसका बचाव है। लेकिन सामान्य लाइफस्टाइल और वर्कआउट के दौरान आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं;
Published on:
09 Oct 2026 02:00 pm
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