16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिटिया @ work : बेटियों की मुस्कराहट से दमक उठे ऑफिस, खिले सबके चेहरे

पत्रिका की पहल पर आगे आ रही बेटियां, पिता के साथ ऑफिस पहुंचकर समझ रही काम के तरीके

5 min read
Google source verification

इंदौर

image

Amit Mandloi

Sep 27, 2018

indore

बिटियां @ work : बेटियों की मुस्कराहट से दमक उठे ऑफिस, खिले सबके चेहरे

इंदौर. बिटियां एट वर्क अभियान में शहर के हर एक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हो रहे हैं। डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेशनल, बिजनेसमैन, एंटरप्रेन्योर अपनी बेटियों को ऑफिस लेकर पहुंच रहे हैं। अधिकांश का अनुभव रहा कि बेटियों के ऑफिस आते ही पूरा माहौल बदल गया। उनकी मुस्कराहट से ऑफिस महक उठता है तो कर्मचारियों के भी चेहरे खिल उठते हैं। अभियान के तहत ऑफिस पहुंचकर बेटियों ने पैरेंट्स के साथ हाथ बंटाया। क्रिएटिव तरीके से आगे बढऩे के आइडियाज भी दिए।

ऑनलाइन भेज सकते हैं इंट्रीज
पत्रिका का बिटिया एट ऑफिस अभियान ३० सितंबर तक चलेगा। अगर आप भी इस अभियान से जुडऩा चाहते हैं तो अपनी बेटी को कार्यस्थल तक लाएं। उसे अपनी कुर्सी पर बैठाकर काम समझाएं। इस पल को अपने कैमरे में कैद करें और डॉटर डॉट पत्रिका डॉट कॉम पर लॉग इन करें और जानकारी भरकर अपलोड कर दें। कमेंट सेक्शन में अपनी बेटी का अनुभव जरूर लिखें।

मॉम का काम इंस्पायरिंग है, आगे बढ़ाने में करूंगी मदद
ऑफिस: कैटरपिलर किड्स
बिटिया का नाम : रिया संघवी
माता का नाम : प्रिया संघवी

मॉम ने बेहद कम समय में अपना खुद का बिजनेस स्थापित किया। यह बेहद इंस्पायरिंग है। उनका काम समझा। बिजनेस आगे बढ़ाने में मदद करूंगी।
प्रिया संघवी

बिजनेस आगे बढ़ाना है

ऑफिस : मेसर्स धनराज जुहरमल
बिटिया का नाम: मानसी रांका
पिता का नाम: अनिल रांका (ऑनर)

पापा के ऑफिस जाना अच्छा अनुभव रहा। यहां आकर पता चला कि जवाहारात बनाना व असली-नकली की पहचान करना भी बड़ी चुनौती है। ज्वैलरी बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहती हूं।
-मानसी रांका

काम करने का तरीका देखा, बहुत कुछ सीखने को मिला

ऑफिस: किड्स कॉलेज
बिटिया का नाम: आद्या मिश्रा
पिता का नाम: अभिषेक मिश्रा (ऑनर)

पापा के ऑफिस विजिट करने से बहुत कुछ सीखने को मिला। उनके काम करने का तरीका देखा। सभी चीजों को अपनी समझादारी से मैनेज करते हैं, इससे काफी इंस्पायर हुई।
-आद्या मिश्रा
कानून की बातें कितनी पेचीदा होती हैं। उन्हें समझना कितना टफ होता है। पापा कितनी मेहनत से काम करते हैं। यह सब ऑफिस आकर देखा।
-अंकिता पाराशर

अच्छे से समझा काम

ऑफिस: स्टे १०
बिटिया का नाम: आशिता गुप्ता
पिता का नाम: अंशुल गुप्ता

पापा का काम अच्छे से समझा। वे काफी मेहनत करते हैं। मुझे अपने पापा पर गर्व है। उनकी तरह सक्सेसफुल बिजनेसवुमन बनना चाहती हूं।।
-आशिता गुप्ता

डिजाइनर बनना है

ऑफिस : श्रीबालाजी बैंगल्स
बिटिया का नाम : निशि मित्तल
पिता का नाम : आशीष मित्तल (ऑनर)

पिता का बैंगल्स का काम है। मैं फैशन डिजाइनिंग कर रही हूं। अब इसे अपनी स्किल्स से आगे बढ़ाना है।
निशि मित्तल

पापा और उनके प्रोफेशन पर हमें गर्व है

ऑफिस- अपोलो हॉस्पिटल
बिटिया का नाम- मरियम और फातिमा अली
पिता का नाम- डॉ. मोहम्मद अली (कार्डियक सर्जन)

पापा लोगों की तकलीफ, दर्द को दूर करते हैं। हम भी बड़े हो कर पापा की तरह डॉक्टर बनना चाहती हैं। पापा और उनके प्रोफेशन पर हमें गर्व है।
-मरियम और फातिमा अली

पापा की मेहनत को देखा

ऑफिस : पाराशर एसोसिएट्स
बिटिया का नाम : राशि पाराशर
पिता का नाम : अंकित पाराशर (एडवोकेट)

बड़ी होकर पायलट बनना है

ऑफिस : साइंटिफिक एस्ट्रो रिसर्च
बिटिया का नाम : भूमि और महिका अग्रवाल
पिता का नाम : गुलशन अग्रवाल

एस्ट्रोलॉजी के बारे में बहुत सी नई बातें पता चली। बड़ी होकर मैं पेंटर और महिका पायलट बनना चाहती है।।
-भूमि अग्रवाल

बिजनेस की बारीकियों को समझने का प्रयास किया

ऑफिस : वेल्ट्रोनिक्स इंडिया प्रालि.
बिटिया का नाम : निकिता गुप्ता
पिता का नाम : विकास गुप्ता (एमडी)

ऑफिस विजिट के दौरान यह जाना कि बिजनेस को रन करना कितना टफ होता है, यह जाना। पापा से बिजनेस की बारीकियों को समझने का प्रयास किया।
-निकिता गुप्ता

पत्रिका अभियान से मेरा सपना हुआ सच

ऑफिस: श्री अग्रसेन रिफाइनरी
बिटिया का नाम: पलक अग्रवाल
पिता का नाम: राजेंद्र कुमार अग्रवाल

मेरा सपना था कि एक बार पापा के ऑफिस जाकर देखूं कि कैसे काम होता है। पत्रिका के अभियान के कारण ऑफिस पहुंची और पूरा काम समझा। अब बड़े होकर बिजनेस करना है और इसे आगे बढ़ाना है।
-पलक अग्रवाल

दिन-रात मेहनत करते हैं, ऑडिटिंग में करूंगी मदद

ऑफिस: लाभम ग्रुप
बिटिया का नाम: साक्षी मंत्री
पिता का नाम: पप्पू मंत्री (डायरेक्टर)

अपिता के ऑफिस आकर उनका काम-काज देखा। लोगों के घर का सपना पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। ऑडिटिंग अकाउंटिंग कोर्स कर पिता के बिजनेस में मदद करना चाहती हूं।
-साक्षी मंत्री

पेंटिंग्स को प्रचार के लिए प्रयोग करते हैं

ऑफिस : सिटीजन कॉप फाउंडेशन
बिटिया का नाम : रिशिता जैन
पिता का नाम : राकेश जैन (ऑनर)

पापा के फाउंडेशन ग्रीन जीन में सहयोग करती हूं। पर्यावरण संरक्षण के लिए पेंटिंग्स बनाती हूं, जिसे पापा फेसबुक पर अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल करते हैं।
-रिशिता जैन

शिक्षकों के प्रति और बढ़ा सम्मान

ऑफिस : साईं श्री इंटरनेशनल स्कूल
बिटिया का नाम : पलक शाह
माता का नाम : अनिता शाह (प्रिंसिपल)

स्कूल मैनेजमेंट संभालना कितना टफ काम है। उनकी मेहनत और जुनून देखकर शिक्षकों के प्रति सम्मान और बढ़ गया है।
-पलक शाह

कानूनी बारीकियों पर कैसे देते हैं ध्यान

ऑफिस : गणगोरे एसोसिएट्स
बिटिया का नाम : भार्गवी गणगोरे, मेघा गणगोरे
पिता का नाम : केपी गणगोरे (एडवोकेट)

हमने ऑफिस में देखा कि पापा कैसे कानूनी काम को करते हैं। कानून की बारीकियों पर कैसे ध्यान देते हैं।
-भार्गवी, मेघा गणगोरे

समझा कोचिंग क्लास का कॅन्सेप्ट

ऑफिस: हैलो ट्यूटर
बिटिया का नाम: पूजल सिंघल, तेजल सिंघल
पिता का नाम: राजेश सिंघल (ऑनर)

पापा ने बताया कि कैसे स्टूडेंट्स को एग्जाम्स की तैयारी कराई जाती है। मैनेजमेंट और कोचिंग का कॉन्सेप्ट समझाया।
-पूजल-तेजल सिंघल

मॉम को हर स्थिति से निपटना आता है

ऑफिस : टूटू शूज
बिटिया का नाम: अनुभा सिंह
माता का नाम: ज्योत्सना सिंह (ऑनर)

मेरी मॉम मेरी इंस्पीरेशन हैं। उनकी लीडरशिप स्किल्स से काफी मोटिवेट होती हंू। उन्हें हर स्थिति से निपटना आता है।।
-अनुभा सिंह

मैं भी पिता की तरह बिजनेस करूंगी

संबंधित खबरें

ऑफिस : बुक्सिनो ट्रेडिंग प्रालि.
बिटिया का नाम : साना दुबे
पिता का नाम : संजय दुबे (एमडी)

पापा के ऑफिस आकर एक्सपोर्ट बिजनेस के बारे में जाना। मैं भी बड़ी होकर पिता की तरह बिजनेस करूंगी।
-साना दुबे

बिजनेस संभालकर लोगों को रोजगार दे सकूं

ऑफिस : महामृत्युंजय कंस्ट्रक्शन कंपनी
बिटिया का नाम : रिधवी गोयल
पिता का नाम : अंकित गोयल

बड़ी होकर मैं भी पापा का बिजनेस संभालूंगी। व्यवसाय के जरिये मैं लोगों को रोजगार दे सकूं और देश सेवा कर सकूं।
-रिधवी गोयल