
Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत सांगरिया की ग्राम सभा में पारित एक प्रस्ताव के आधार पर सांगरिया फांटा नाम से नया राजस्व गांव बनाए जाने की अधिसूचना को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है।
न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकल पीठ में याचिकाकर्ता पुखराज की ओर से अधिवक्ता मोतीसिंह राजपुरोहित ने कहा कि 18 मार्च, 2025 को जारी अधिसूचना में जिस प्रस्ताव का आधार लिया, वह ग्राम सभा की 26 जनवरी, 2025 को हुई साधारण बैठक का हिस्सा था। नया राजस्व गांव बनाने जैसे निर्णय के लिए अलग से सूचना जारी कर विशेष बैठक बुलाना अनिवार्य था।
कोर्ट ने जब ग्राम सभा की मूल कार्यवाही पुस्तिका तलब की तो उसमें कई गंभीर खामियां पाई गईं। न तो ग्रामसभा की बैठक का विधिवत एजेंडा जारी किया गया था और न ही आवश्यक 10 प्रतिशत कोरम की उपस्थिति दर्ज की गई।
कोर्ट को बताया गया कि ग्राम पंचायत सांगरिया में वर्ष 2021 की मतदाता सूची के अनुसार 13 हजार मतदाता हैं, ऐसे में कम से कम तेरह सौ की उपस्थिति अनिवार्य थी, जो नहीं थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा महत्वपूर्ण निर्णय सिर्फ एक नियमित बैठक में लिया जाना प्रक्रिया का उल्लंघन है।
कोर्ट ने इस स्थिति को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कार्यवाही पुस्तिका जब्त करने और उसकी फोटोकॉपी सुरक्षित रखवा कर जिला परिषद जोधपुर के सीईओ को भेजने के निर्देश दिए। सीईओ को सरपंच, अन्य जिमेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित जांच कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
Updated on:
15 May 2025 12:41 pm
Published on:
15 May 2025 12:41 pm
