
अफसर पहुंचे घर, जरूरतमंद परिवार को मिला राहत का सामान
Yogi Aid Blind Family Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी के मोहल्ला हानिया टोला में एक गरीब परिवार की भूख, लाचारी और बेबसी की तस्वीरें जब सोशल मीडिया पर सामने आईं, तो पूरे प्रदेश का दिल दहल गया। लेकिन इससे पहले कि मामला और गंभीर होता, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को निर्देश दिए कि परिवार को तुरंत राहत पहुंचाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे भविष्य में भी किसी तरह की परेशानी में न रहें।
वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों में प्रशासन सक्रिय हो गया। डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार, लेखपाल और अन्य अधिकारियों की टीम प्रताप नामक व्यक्ति के घर पहुंची, जहां उन्होंने आवश्यक राहत सामग्री दी। परिवार की स्थिति देखकर अधिकारियों की आंखें नम हो गईं। वहां मौजूद दो दृष्टिहीन बेटियां सोनी और मोनी अपनी बहनों और भाइयों के साथ कठिन हालातों में जीवन गुजार रही थीं।
प्रताप का परिवार बेहद गरीब है। दो बेटियां दृष्टिहीन हैं, मां का देहांत हो चुका है और पिता मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह बच्चों को पालने की कोशिश कर रहे थे। मगर दो वक्त की रोटी भी मयस्सर नहीं थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जो राहत सामग्री दी गई, उसमें चावल, आटा, दाल, आलू, प्याज, टमाटर, तेल, नमक और मसाले शामिल थे।
जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस परिवार को न केवल तुरंत राहत पहुंचाई गई है, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसमें राशन कार्ड, दिव्यांग सहायता योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त बिजली कनेक्शन जैसी योजनाएं शामिल हैं।
इस घटना के बाद पूरे राज्य में प्रशासन की तत्परता की सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग सीएम योगी के मानवीय संवेदनशीलता की प्रशंसा कर रहे हैं। प्रताप ने कहा, "कभी नहीं सोचा था कि हमारी आवाज इतनी दूर तक पहुंचेगी। आज मुझे लग रहा है कि सरकार सच में गरीबों के साथ है।"
यह पहला मौका नहीं है जब सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर आई किसी जानकारी पर इतनी जल्दी कार्रवाई की हो। इससे पहले भी वे कई बार ऐसे मामलों में व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लेकर पीड़ितों तक मदद पहुंचा चुके हैं। यह उनकी जनसरोकारों को लेकर प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कुशलता का प्रमाण है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अब प्रताप के परिवार की स्थायी सहायता के लिए एक टीम बनाई गई है, जो इस परिवार के दस्तावेजों की पूर्ति कर उन्हें योजनाओं में सम्मिलित करेगी। इसके अलावा दृष्टिहीन बेटियों के लिए विशेष स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
Updated on:
19 Apr 2025 10:25 pm
Published on:
19 Apr 2025 10:25 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
