
Improve blood circulation with yoga फोटो सोर्स – Freepik
Yoga For Blood Circulation: हमारा शरीर एक सिस्टम की तरह काम करता है, जिसमें ब्लड सर्कुलेशन का बेहतर रहना बहुत जरूरी होता है। अगर शरीर में खून का फ्लो सही से नहीं हो पाता, तो थकान, अकड़न, सूजन और कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आजकल की दौड़-भाग वाली और लंबे समय तक बैठकर काम करने वाली लाइफस्टाइल में ये समस्या आम हो गई है। अच्छी बात यह है कि योगासन के जरिए ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाया जा सकता है।
योग न सिर्फ खून के बहाव को ठीक करता है, बल्कि यह शरीर की ताकत, ऊर्जा और दिमागी संतुलन को भी मजबूत करता है।यहां हम आपको ऐसे 5 आसान और असरदार योगासन बता रहे हैं जिन्हें रोज करने से शरीर एक्टिव, हेल्दी और एनर्जेटिक बना रहेगा।
ताड़ासन शरीर को सीधा खड़ा रखने वाला आसन है, जो रीढ़ की हड्डी को सीधा करता है और पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है। यह आसन पैरों से लेकर सिर तक रक्त के प्रवाह को सुचारू करता है और पूरे शरीर को ऊर्जावान बनाता है।
कैसे करें
-सीधे खड़े हो जाएं, दोनों पैरों को मिलाकर।
-हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और अंगुलियों को इंटरलॉक करें।
-एड़ियों के बल उठें और पूरे शरीर को स्ट्रेच करें।
-गहरी सांस लेते हुए इस पोजिशन को 30 सेकंड तक बनाए रखें।
यह योगासन सिर की ओर रक्त संचार को बढ़ाता है, जिससे मस्तिष्क को ऑक्सीजन और पोषण भरपूर मात्रा में मिलता है। यह हाथों, पैरों और पीठ की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है।
कैसे करें
-घुटनों और हथेलियों के बल आ जाएं।
-अब कूल्हों को ऊपर उठाते हुए शरीर को उल्टे 'V' के आकार में लाएं।
-एड़ियों को जमीन से लगाने की कोशिश करें और सिर को नीचे रखें।
-30 सेकंड तक इस पोजिशन को बनाए रखें।
सेतुबंधासन छाती, गर्दन और रीढ़ में खिंचाव लाता है, जिससे इन हिस्सों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। यह हार्ट हेल्थ के लिए भी बेहद लाभकारी है।
कैसे करें
-पीठ के बल लेट जाएं, घुटनों को मोड़े और पैरों को जमीन पर रखें।
-हाथों को शरीर के पास रखें और धीरे-धीरे कूल्हों को ऊपर उठाएं।
-कमर, पीठ और छाती को ऊपर की ओर खींचें।
-20-30 सेकंड इस मुद्रा में रहें।
यह एकमात्र ऐसा आसन है जिसे खाना खाने के बाद भी किया जा सकता है। यह पाचन को सुधारता है और निचले शरीर में रक्त प्रवाह को सुचारू करता है।
कैसे करें
-घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठ जाएं।
-दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और पीठ सीधी रखें।
-आंखें बंद करके 5-10 मिनट तक धीरे-धीरे सांस लें।
यह योगासन पीठ, कूल्हों और जांघों में रक्त संचार को बेहतर बनाता है। साथ ही यह रीढ़ की मजबूती और पाचन में भी मदद करता है।
कैसे करें
-पेट के बल लेट जाएं, दोनों हाथों को जांघों के पास रखें।
-अब धीरे-धीरे दोनों पैरों को ऊपर उठाएं (हाथ और छाती जमीन पर ही रहें)।
-इस मुद्रा को 20 सेकंड तक बनाए रखें और फिर धीरे-धीरे वापस आएं।
-पूरे शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्व आसानी से पहुंचते हैं।
-मानसिक तनाव में कमी और बेहतर नींद।
-थकावट, शरीर में अकड़न और सूजन से राहत।
-हृदय रोगों की संभावना में कमी।
-शारीरिक ऊर्जा और एकाग्रता में वृद्धि।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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Updated on:
19 Jul 2025, 4:25 PM IST
Published on:
19 Jul 2025, 4:10 PM IST
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