
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ.कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए सांसें खरीदने का इंतजाम करने में परिजन रात-दिन एक किए हुए हैं, लेकिन परिजनों को भटकने और परेशानी के अलावा कुछ हासिल नहीं हो रहा है। हालात ये हैं कि ऑक्सीजन की कमी (Oxygen Crisis) के चलतेे अपने मरीज को बचाने के लिए ऑक्सीजन का इंतजाम करने में परिजनों की रातें सड़कों पर भटकने और प्लांट के बाहर सिलेंडर लेने की आस में कट रही हैं।
मेरठ में हालात इतने खराब हैं कि परिजनों को चिकित्सक का लैटर दिखाने के बाद भी ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते मरीजों की जान जा रही हैं और परिजन अपने मरीज को मरता हुआ देख रहे हैं। अस्पतालों से बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों के शव निकल रहे हैं, लेकिन कहीं कोई सुनने वाला नहीं है। हर तरफ मच रहा हाहाकार प्रशासन और सरकारी दावों की पोल खोल रहा है।
प्रशासन के दावे के विपरीत हालात काफी खराब
मेरठ जिले की बात करें तो यहां ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। प्रशासन के दावे के विपरीत हालात काफी खराब हैं। लोग अपने मरीज की जान बचाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। मेरठ के बिजौली स्थित ऑक्सीजन प्लांट पर अब रातभर लोग ऑक्सीजन सिंलेंडर मिलने के इंतजार में रातें काट रहे हैं। इसी को लेकर देर रात हंगामा भी हुआ। पीड़ित लोग ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए परेशान होते रहे, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिला तो सब्र का बाध टूट गया।
परतापुर प्लांट सेे ले सकते हैं ऑक्सीजन
एसीएम चंद्रेश कुमार ने बताया की बिजौली प्लांट से सिर्फ ऑक्सीजन सप्लाई हॉस्पिटलों में ही की जा रही है। तीमारदारों के लिए परतापुर प्लांट पर व्यवस्था की गई है। वहां पर डॉक्टर का पर्चा और आधार कार्ड की कॉपी जमा करा कर ऑक्सीजन सिलेंडर लिया जा सकता है।
Published on:
01 May 2021 11:41 am
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