
सबसे बड़े आंबेडकर अस्पताल में ओटी से लेकर दवा स्टोर तक चूहों का आतंक
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ.कोरोना महामारी के दौर में लॉकडाउन (Lockdown) की मार झेल रहे व्यापारियों को एक ओर जहां प्रतिदिन लाखों रुपए का घाटा हो रहा है। वहीं, चूहों ने भी व्यापारियों के घाटे में इजाफा कर दिया। लॉकडाउन के दौरान एक महीने से बंद पड़ीं दुकानों में चूहों ने जमकर उत्पात मचाया है। दुकान के भीतर रखे सामान को कुतरकर बर्बाद कर दिया है।
बता दें कि व्यापारियों को थाना क्षेत्र के हिसाब से कुछ घंटे के लिए दुकान खोलकर सफाई करने का मौका दिया गया था। व्यापारी दुकान पर पहुंचे और उन्होंने जैसे ही दुकान का शटर उठाया तो भीतर का नाजारा देख दंग रह गए। दुकान के भीतर चूहों ने ऐसा तांडव मचाया कि चारों तरफ बिखरा पड़ा सामान नजर आया। कपड़ों की दुकान के कपड़े कुतर डाले, जूते चप्पल की दुकान में जूते चप्पल कुतरे हुए पड़े थे। स्टेशनरी की दुकान को भी चूहों ने नहीं छोड़ा। ऐसा नजारा देखकर व्यापारी ने अपने माथे पर हाथ रख लिया और वहीं बैठ गए। यह नजारा सदर बाजार का था। जहां पर हर दुकानदार चूहों के जुल्म का शिकार हुए।
साड़ियों कपड़े की दुकानों में चूहों ने लाखों रुपए की कीमती साड़ियां और लहंगे कुतर दिए। मिठाई की दुकान में रखे सामान सीलन और चूहों की वजह से बर्बाद हो गए। इन्हें नाले में फेंकना पड़ा। भारी नुकसान देखकर दुकानदारों शोरूम मालिक भावुक हो गए। पड़ोसी दुकानदार एक-दूसरे को सात्वना देते दिखाई दिए। एक महीने बाद दुकान खोलने पर बंद पड़ी दुकानों में कई जगह चूहें भी मरे हुए नजर आए। रही सही कसर सीलन और दीमक ने पूरी कर दी। सीलन से कपड़े गीले नजर आए। व्यापारियों का कहना है कि दुकान की सफाई करने की इजाजत एक दो सप्ताह पहले दी गई होती तो ये नुकसान नहीं होता। व्यापारियों का कहना है कि अकेले सदर बाजार में ही चूहों ने करोड़ों का नुकसान किया है।
Published on:
02 Jun 2021 11:56 am
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